09/08/2015    नन्हा परिंदा - एक एहसास की उड़ान का अनोखा दृश्य
एक नन्हा परिंदा अपने परिवार-जनों से बिछड़ कर अपने आशियाने से बहुत दूर आ गया था । उस नन्हे परिंदे को अभी उड़ान भरने अच्छे से नहीं आता था । उसने उड़ान भरना अभी सीखना शुरू ही किया था।उधर नन्हे परिंदे के परिवार वाले बहुत परेशान थे और उसके आने की राह देख रहे थे। इधर नन्हा परिंदा भी समझ नहीं पा रहा था कि वो अपने आशियाने तक कैसे पहुंचे?

नन्हा परिंदा काफी कोशिश कर रहा था उड़ान भरने की लेकिन उसकी कोशिश मुकम्मल नहीं हो पा रही थी 
कुछ दूर से  एक अनजान परिंदा अपने मित्र के साथ ये सब दृश्य बड़े गौर से देख रहा था  कुछ देर देखने के बाद वो दोनों परिंदे उस नन्हे परिंदे के करीब आ पहुंचे नन्हा परिंदा उन्हें देख के पहले घबरा गया फिर उसने सोचा शायद ये उसकी मदद करें उसे उसके आशियाने तक पहुँचाने में 

अनजान परिंदा - क्या हुआ नन्हे परिंदे काफी परेशान हो ?
नन्हा परिंदा - मैं रास्ता भटक गया हूँ और मुझे शाम होने से पहले आशियाने तक लौटना है |मुझे उड़ान भरना 
अभी अच्छे से नहीं आता | मेरे घर वाले बहुत परेशान हो रहे होंगे  आप मुझे उड़ान भरना सीखा सकते है ? मैं 
काफी देर से कोशिश कर रहा हूँ पर कामयाबी नहीं मिल पा रही है
अनजान परिंदा - (थोड़ी देर सोचने के बाद )- जब उड़ान भरना  सीखा नहीं तो आशियाने से दूर निकलने की जरुरत ही क्या थी ? वह अपने मित्र परिंदे के साथ मिलकर नन्हे परिंदे का मज़ाक उड़ाने लगानन्हा परिंदा को बहुत बुरा लग रहा था उनलोगो की बातों का
अनजान परिंदा - देखो हम उड़ान भरना जानते है तो हम कहीं भी , कितनी भी दूर तक जा सकते है | इतना कहकर अनजान परिंदे ने उस नन्हे परिंदे के सामने पहली उड़ान भरी  फिर थोड़ी देर बाद लौटकर आया फिर दो-चार कड़वी बातें बोल उड़ान भर ली ऐसा उसने छः बार किया और जब सातवीं बार वो उड़ान भर के वापस 
आया तो नन्हा परिंदा वहां नहीं था अनजान परिंदा अपने मित्र से- नन्हे परिंदे ने उड़ान भर ली ना? उस समय अनजान परिंदे  के चेहरे पर ख़ुशी झलक रही थी 
मित्र परिंदा - हाँ नन्हे परिंदे ने तो उड़ान भर ली लेकिन तुम इतना खुश क्यों हो रहे हो मित्र? तुमने तो उसका कितना मज़ाक बनाया
अनजान परिंदा (हँसते हुए)- मित्र तुमने मेरी सिर्फ नकारात्मकता पर ध्यान दिया लेकिन  नन्हा परिंदा मेरी नकारत्मकता पर कम और सकारात्मकता पर ज्यादा ध्यान दिया इसका मतलब यह है कि उसने मेरी मज़ाक को अनदेखा करते हुए मेरी उड़ान भरने  वाली  चाल  पर ज्यादा ध्यान दिया और वह  उड़ान भरने में सफल हुआ 

मित्र परिंदा - जब तुम्हे उसे उड़ान भरना सिखाना ही था  तो उसका मज़ाक बनाकर क्यों सिखाया ?
अनजान परिंदा - मित्र,  नन्हा परिंदा  अपनी ज़िंदगी के मंजिल  का पहला उड़ान भर रहा था और मैं उसके लिए अनजान था अगर उड़ान मैं उसको भरना सीधे तरीके से सिखाता तो नन्हा परिंदा पूरी ज़िंदगी मेरे एहसान के नीचे दबा रहता और ज़िन्दगी में शायद ज्यादा कोशिश खुद से नहीं करता और जो मैं नहीं चाहता था  मैंने उस परिंदे के अंदर छिपी लगन देखी थी| जब मैंने उसको कोशिश करते हुए देखा था तभी समझ गया था इसे बस थोड़ी सी दिशा देने की जरुरत है और जो मैंने अनजाने में उसे दी और वो अपने मंजिल को पाने में कामयाब हुआ 
अब वो पूरी ज़िंदगी खुद से कोशिश करेगा और दूसरों से कम मदद मांगेगा| इसी के साथ उसके अंदर आत्मविश्वास भी ज्यादा बढ़ेगा। मित्र परिंदा ने अनजान परिंदे की तारीफ करते हुए बोला तुम बहुत महान हो अनजान परिंदे और मैं बहुत किस्मत वाला हूँ जो मुझे तुम्हारी दोस्ती नसीब हुई |अनजान परिंदा मुस्कुराया और बोला शाम होने को आई है अब हमें चलना चाहिए और उसके बाद दोनों ने अपने आशियाने के लिए उड़ान भर ली

अंकिता आशू


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