07/11/2016     गौसेवा आन्दोलन की 50वीं वर्षगांठ पर उठी गौमंत्रालय बनाने की मॉंग
अखिल भारतीय गुरूकुल एवं गौशाला अनुसंधान संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री गौतम कुमार श्रीवास्तव (गौतम ऋषि) जी के नेतृत्व में गौ माता को राष्ट्रीय प्राणी घोषित करने तथा सम्पूर्ण देश में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने,

 बधशालाओं के लाइसेंस निरस्त करने और गौचर भूमि खाली करा कर चारा गाहों व जंगलों के अतिक्रमण रोके जाने सहित नौ सूत्रीय मॉंगों को लेकर सात दिवसीय कार्यक्रम में आज धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज के गौसेवा आन्दोलन की 50वीं वर्षगांठ पर जन्तर मन्तर पर पुष्पॉंजलि अर्पित करने आए देश के अलग­अलग कोनो से संत महात्माओं तथा संकराचार्याें ने गौहत्या का विरोध किया तथा भारत सरकार चेताते हुए कहा कि देश मे अगर गोहत्या बन्द नही कि गई तो जल्द हमारी गौमाता विलुप्त प्राणी की सूची में आजाएंगी। 

वहीं श्री गौतम ऋषि जी ने कहा कि जिस तरह गंगा सफाई के लिए गंगा मंत्रालय बनाया गया है ठीक उसी प्रकार भारत सरकार को गौमंत्रालय भी बनाना जरूरी हो गया है जिससे हमें 24 घंटे आक्सीजन देने वाली एक मात्र प्राणी हमारी गौमाता तथा गौवंश की रक्षा हो सके अभी देश में मात्र लगभग 2 करोड़ ही गौ माता व गौवंश मौजूद हैं जिन्हें बचाने के लिए भारत सरकार को जल्द से जल्द गौ मंत्रालय बनाने का मुद्दा संसद मे उठाना चाहिए।

पुष्पांजलि समारोह में महान संत गोपल दास जी, श्री गौतम कुमार श्रीवास्तव (गौतम ऋषि) जी, महामण्डलेश्वर नीलमा जी महाराज राज ऋषि धरम वीर सिंह जी तथा हजारों की संख्या में संत महत्मा तथा कार्यक्रम सहयोगी गण ­ मनीष मनचंदा, मुन्नर यादव, गोविन्द शर्मा, आलोक द्विवेदी तथा गौभक्त एवं महान  कवि तथा कवित्रियां शामिल थी। 


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