14/04/2019    मायापुरी में सीलिंग कार्यवाही के पहले केजरीवाल ने तैयार किया रेडियो ऐड और ट्वीट, इससे साबित होता है केजरीवाल ने इस कार्रवाई को मोदी जी को बदनाम करने के लिए हवा दिया है
दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा रामनवमी और बैसाखी पर्व के एक दिन पहले साजिश के तहत मायापुरी में सीलिंग के मुद्दे को हवा देने और व्यापारियों पर हुए लाठी चार्ज की घटना की निंदा करते हुए दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने वेस्ट दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा,

। दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष राजीव बब्बर, दक्षिणी दिल्ली के मेयर नरेन्द्र चालवा, सह-मीडिया प्रभारी नीलकांत बक्शी और मीडिया प्रमुख  अशोक गोयल देवरहा की उपस्थिति में मीडिया को संबोधित किया और इस घटना को केजरीवाल द्वारा स्क्रिप्टेड चुनावी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि यह पूरा घटनाक्रम पहले से स्क्रिप्टेड था और इसे किस तरह लोगों के सामने पेश किया जाना है? अरविंद केजरीवाल ने इसका ट्विट और रेडियो ऐड से पहले तैयार कर लिया था।

 तिवारी ने कहा कि आज रामनवमी और भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती है। इसके एक दिन पहले बैसाखी का पर्व था। सीलिंग के लिए इस दिन को चुनना और व्यापारियों पर लाठी चार्ज करवाना प्राचीन काल के उस घटना की याद दिलाता है, जब किसी यज्ञ को विंध्वंश करने के लिए राक्षस उसमें हड्डियां फेंक दिया करते थे। मैं इस घटना से आहत हूं और व्यापारियों को विश्वास दिलाता हूं कि भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं। मोदी जी ने व्यापारियों को 10 लाख का दुर्घटना बीमा देने, 60 साल के बाद उन्हें पेंशन देने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए केन्द्रीय व्यापारी आयोग के गठन करने का संकल्प लिया है।

 तिवारी ने मायापुरी में सीलिंग करवाना केजरीवाल द्वारा चुनावों के पहले मोदी जी की छवि को खराब करने के लिए उठाया गया नाकाम कदम बताया। उन्होंने कहा कि वे भाजपा का संकल्प पत्र देख कर बौखलाए हुए हैं। मोदी जी ने दिल्ली में जो काम किया है, उसे देखकर केजरीवाल को ये नहीं समझ में आ रहा है कि वो इसका कैसे जवाब दें? जाहिर सी बात है दिल्ली में 16 अप्रैल से चुनावी प्रक्रिया शुरू होने वाली है और इसके पहले वे माहौल बना रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में बढ़ रहे अवैध बंग्लादेशियों के मुद्दे को भी उठाया और केजरीवाल से सवाल किया।

 तिवारी ने कहा कि जब कोर्ट ने 3 मई तक अपनी रिपोर्ट देने का समय दिया हुआ था, तो 13 अप्रैल को ही सीधे कार्रवाई करने की क्या जरूरत पड़ गई? इसका मतलब साफ है कि केजरीवाल की नियत सही नहीं है। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि एमसीडी के मेयर भी इस सीलिंग के खिलाफ हैं और उन्होंने कोई आदेश नहीं दिया। इसके लिए एसडीएम पर दवाब दावा डाला गया। सीलिंग करने वाले एसडीएम का कहना है कि अगर हम सीलिंग नहीं करते हैं तो हमें इस्तीफा देना पड़ेगा। केजरीवाल बताएं उनकी क्या मजबूरी है और क्यों अधिकारियों पर ऐसा प्रेशर डाला जा रहा है? उन्होंने पूछा कि दिल्ली के ओखला सहित कई इलाकों में बंग्लादेशियों की संख्या बढ़ रही है। केजरीवाल के एसडीएम वहां क्यों नहीं पहुंच पाते हैं?

सांसद  प्रवेश वर्मा ने कहा कि सीलिंग से एमसीडी का कोई मतलब नहीं है। यह केवल केजरीवाल की खुराफात है। वे रेडियो पर प्रचार कर रहे हैं कि अगर दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल गया तो वे सीलिंग को खत्म कर देंगे। लेकिन हम बता देना चाहते हैं कि इसमें भारतीय जनता पार्टी, केन्द्र सरकार का कोई हाथ नहीं है। यह पूरा कार्य दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी का है जो कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आता है।



Click here for more interviews
Copyright @ 2017.