05/06/2020    घरेलू हिंसा की घटनाओं में पिता द्वारा माँ के साथ मारपीट से भी बच्चों का मानसिक शोषण : न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल
मंडलीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पीतमपुरा एवं भागीदारी जन सहयोग समिति ( पंजीकृत ) के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण की सहभागिता से कानूनी जन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत " बाल शोषण अधिनियम , अधिनियम -क्रियान्वन एवं जन जागरूकता " विषय पर आयोजित वेबिनार में बोलते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल अतिरिक्त सचिव दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण ने बाल शोषण से संबंधित अधिनियम एवं उसके क्रियान्वन पर विस्तृत प्रकाश डाला I

उन्होंने कहा कि घरेलू हिंसा की घटनाओं में पिता द्वारा माँ के साथ मारपीट से भी बच्चों का मानसिक शोषण होता है उस समय वह डर के वातावरण होता है I बच्चों का अपने अधिकारों से वंचित रहने का अधिकांश कारण अभिभावकों की अशिक्षा भी है I बाल शोषण को परिभाषित करते है कहा कि कोई ऐसी काम अथवा लाहपरवाही  जिससे बच्चे को जीवन के प्रति खतरा , मानसिक या शारीरिक चोट मुख्यतः बाल शोषण में आती है I उन्होंने कहा कि यह बड़े दुःख एवं शर्म  की बात है कि बच्चे अधिकतर यौन शोषण के शिकार अपने रिश्तेदार , अपने परिचित यहाँ तक कि अपने ही परिवार के सदस्य से होते है I ऐसे में मामले की जाँच का काम चुनौतीपूर्ण है I यही नहीं अपितु लोक - लाज का बहाना बना कर ऐसे मामलों को परिवार द्वारा दबा दिया जाता हैI  एक प्रश्न का उत्तर देते हुए न्यायाधीश नम्रता अग्रवाल ने  कहा कि यौन शोषण के मामले मे घटना को जानते हुए भी छिपाने Click here for more interviews

Copyright @ 2017.