13/04/2015  जल बचाओ योजना का सुभारम्भ
आज दिनांक 13-04-2015 को प्रमुख सचिव, लघु सिचाई श्री चन्द्र प्रकाष जी की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में मा0 मुख्यमंत्री जी की योजना जल बचाओ अभियान एवं भू-गर्भ जल से संबंधित एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रमुख सचिव द्वारा अवगत कराया गया कि प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण एवं वर्शा जल का उचित संचयन न होने के कारण भविश्य में पेयजल व सिचाई की समस्या का सामना करना पड सकता है, जिसके लिए राज्य सरकार द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उ0 प्र0 में भूजल प्रबंधन, वर्श जल संचयन एवं भूजल रिचार्ज हेतु समग्र नीति लागू की गयी है। प्राकृतिक जल स्रोतों यथा तालाब, पोखरों तथा कुंओं के जीर्णाेद्धार, उचित रख-रखाव एवं सौन्दर्यीकरण आदि के साथ ही वर्शा जल संचयन हेतु ग्रामीण एवं षहरी सभी क्षेत्रों में विस्तृत कार्य-योजना बनाकर प्रयास किये जा रहे हैं।
             जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जल बचाओ समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें भूमि संरक्षण अधिकारी, लघु सिचाई के अभियन्ता, जल निगम, वन विभाग, सिचाई विभाग, ग्राम्य विकास विभाग, भू-गर्भ जल विभाग, कृशि विभाग, नगर स्थानीय निकाय, विकास प्राधिकरण, निर्माण ऐजेन्सी, उद्यान विकास विभाग आदि के प्रतिनिधि समिति के सदस्य के रूप में होंगे।
            उनके द्वारा यह भी निर्देषित किया गया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भी इसी प्रकार की जल बचाओ समिति का गठन किया जायेगा, जिसमें संबंधित गांव के लेखपाल एवं ग्राम पंचायत अधिकारी सम्मिलित रहेंगे तथा उनके द्वारा प्रत्येक गांव के तालाबों, पोखरों, कुओं व अन्य जल स्रोतों की सूची बनाकर खण्ड विकास अधिकारी को उपलब्ध करायी जायेगी। ग्राम्य विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग व लघु सिचाई विभाग यह सुनिष्चित करेंगे कि जनपद में उपलब्ध तालाबों-पोखरों का गहरीकरण किया जाए ताकि वहाॅ पर घटते हुए जल-स्तर को रोका जा सके।
           प्रमुख सचिव ने भू-जल एवं सिचाई से संबंधित सभी अधिकारियों को निर्देष दिये कि षासन द्वारा भू-जल से संबंधित जो योजनाऐं चल रहीं, उनमें मेंढबन्दी का लक्ष्य बढाया जाए। लघु सिचाई विभाग नालों का सर्वे करंे तथा वन विभाग फेंस बनवायें तथा ऐसे पौधे लगायें, जिनकी वृद्धि में पानी की कम आवष्यकता होती है। प्रमुख सचिव द्वारा कृशि विभाग को निर्देषित किया गया कि वे कृशकों को ऐसी फसलें बोने के लिए प्रेरित करें, जिसमें कम पानी की आवष्यकता हो। उन्होंने कहा कि पृथ्वी के अंदर जो पानी है, वह घड़े की तरह है। यदि हम उक्त पानी का अनावष्यक दोहन करते रहेंगे, तो घड़ा एक दिन खाली हो जायेगा और आने वाले समय में पानी का भयावह संकट पैदा हो जायेगा।
     मीटिंग में जिलाधिकारी श्रीमती बी0 चन्द्रकला द्वारा आष्वस्त किया गया कि मा0 मुख्यमंत्री जी की इस महत्वपूर्ण योजना को जनपद में सफलतापूर्वक क्रियान्वित करायी जायेगी। प्रत्येक माह समिति की बैठक आयोजित कर समिति की कार्यों की समीक्षा की जायेगी तथा आवष्यकतानुसार मौके का स्थलीय निरीक्षण भी किया जायेगा। 
उक्त मीटिंग में जिलाधिकारी के अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी श्री पुलकित खरे, प्रभागीय निदेषक, सामाजिक वानिकी प्रभाग श्री अनुज कुमार सक्सैना तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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