16/04/2015  किसान ने लगाई खुद को आग, 90 प्रतिशत जला
केंद्र और प्रदेश सरकार ने खुद को किसान हिमायती साबित करने के लिए बैंकों पर वसूली न करने की हिदायत दी है ! मगर बैंक इस ओर गंभीर नजर नहीं आते ! विपदा की इस घडी में किसान जहाँ भुखमरी झेल रहा है उस पर बैंकों का वसूली हंटर उनके लिए यमदूत बना हुआ है ! महोबा जनपद में शासनादेश के बाद भी वसूली को लेकर बैंक किसानों का बेजा उत्पीड़न करने पर उतारू है !  एक किसान ने लिए गए कर्ज पर बैंक के आते नोटिस और दबाब से तंग आकर खुद को आग लगा ली ! 90 प्रतिशत जल चुके किसान को गंभीर हालत में झाँसी मेडिकल इलाज के लिए भेज दिया है ! किसान ज़िंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है !
उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार एक दूसरे पर खुलेआम आरोप लगा रहे है ! यहीं नहीं किसान हितैषी खुद को साबित करने के लिए प्रदेश सरकार ने बैंकों से कर्ज वसूली न करने का आदेश दिया तो वहीँ केंद्र सरकार ने एक कदम बढ़ते हुए यह आदेश दिए कि कर्ज वसूली रोकने के आलावा जरूरतमंद किसानों को कैंप लगाकर पुनः कर्ज दिए जाए ! लेकिन बुंदेलखंड के महोबा जनपद में ऐसा नजर नहीं आता ! बैंकों को इन आदेशों की शायद परवाह नहीं है ! नतीजन तंगहाली और भुखमरी की आगोश में समाये कर्ज अदायगी करने में असक्षम किसान उद्वेलित और आहत होकर जिंदगी से तंग आकर मौत को गले लगा रहे है ! थाना कबरई के ग्राम खरका में एक किसान ने बैंक के कर्जे से तंग आकर खुद को आग लगा ली ! किसान गनेश कहार की 22 बीघा खेती है ! लेकिन आई आपदा से खेती में इतनी फसल नहीं हुई कि वो अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके ! उस पर बैंक से लिया गया कर्ज न चूका पाने की चिंता में गनेश ने खुद को आग के हवाले कर दिया ! 90 प्रतिशत जल चुके किसान को परिजन इलाज के लिए जिला अस्पताल लाये ! पीड़ित किसान के पुत्र कमलेश ने बताया की उसके पिता पर उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक का 6 लाख 78 हजार रुपये के आलावा भूमि विकास बैंक का 2 लाख 93 हजार रुपये कर्ज था ! कई वर्षों से खेती में मुनाफा न होने से बैंक का कर्ज नहीं चुक पा रहा था ! उस पर बैंक लगातार वसूली के लिए दबाब बना रहा था पिछले माह भी सहकारी विकास बैंक ने कर्ज आदयगी के लिए नोटिस भेजा था ! नोटिस मिलते ही किसान चिंतित हो गया ! कई दिनों से हताश चल रहे किसान ने आज खुद को आग लगा ली ! इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे किसान की नाजुक हालत देख डाक्टरों ने झाँसी मेडिकल रिफर कर दिया !
प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही किसान के हमदर्द है शायद इस लिए बैंकों को कर्ज वसूली से रोकने के आदेश दिए गए मगर बैंक के वसूली हंटर तो किसान को मौत का निवाला बना रहे है !
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