03/05/2015  मोगा छेड़खानी केस- पीड़ित का पिता हुआ पोस्टमार्टम के लिए राजी
मोगा (पंजाब)-बुधवार को मोगा में चलती बस में हुई छेड़खानी के बाद मां और बेटी को नीचे फेंक देने के मामले में मारी गई किशोरी के परिवार ने तब तक उसका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था जब तक प्रशासन मुआवजे और इस परिवहन कंपनी का परमिट रद्द करने की मांग पूरा नहीं करता, लेकिन आज चलती बस में छेड़छाड़ और फिर बस से बाहर फेंके जाने की घटना में मारी गयी युवती के मामले को लेकर पिछले चार दिन से बना गतिरोध समाप्त हो गया है। उसके पिता ने रविवार को लड़की का पोस्टमार्टम कराने, मुआवजा तथा सरकारी नौकरी की पेशकश स्वीकार करने के साथ ही शव का अंतिम संस्कार करने पर अपनी सहमति दे दी।
पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा घटना को 'असहनीय' और 'दर्दना' बताए जाने के बीच पुलिस ने कहा है कि सभी चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पीड़ित लड़की के पिता ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'मैं अपील करना चाहता हूं कि मैं अपनी बेटी का अंतिम संस्कार करना चाहता हूं।' उन्होंने यह भी कहा कि वह 'बिना किसी दबाव' के पोस्टमार्टम पर सहमत हुए हैं।
पीड़िता के पिता ने कहा,'राज्य सरकार ने हमें जो भी पेशकश की है हमने स्वीकार कर लिया है। राज्य सरकार ने हमारी मांगें मान ली हैं और हमें आश्वासन दिया है कि मेरी बेटी के हत्यारों को सजा दी जाएगी।' मुआवजे की राशि के बारे में उन्हें पता नहीं था। उन्होंने कहा, 'मैं मुआवजे के बारे में कुछ नहीं कह सकता। जो कुछ मुझे दिया गया है, मेरे लिए पर्याप्त है। मैं खुश हूं कि मैं अपनी बेटी के साथ यहां से चला जाउंगा।'

सरकार ने पहले 20 लाख रूपये मुआवजा, लड़की की मां को सरकारी नौकरी, उसका मुफ्त उपचार तथा मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई किए जाने की पेशकश की थी लेकिन परिवार ने इसे नामंजूर कर दिया था। लड़की के पिता ने इस मामले को लेकर किए जा रहे प्रदर्शनों को भी समाप्त किए जाने को कहा । उन्होंने कहा, 'अब यह मामला खत्म होना चाहिए़....मेरी बेटी पहले ही मर चुकी है । यदि अस्पताल में भर्ती मेरी पत्नी भी मर गयी तो मेरी जिंदगी का क्या मतलब रहेगा। मैं अब एक सामान्य जिंदगी जीना चाहता हूं।'

समर्थन करने वालों का आभार जताते हुए लड़की के पिता ने कहा, 'सरकार या किसी अधिकारी ने मुझे समझौता करने के लिए नहीं धमकाया।' वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा परिवार के सदस्यों के बीच हुई बैठक के बाद मामला सुलझा जबकि प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने अपना फैसला परिवार पर थोपा है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जब परिवार को जांच के बारे में और चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में बताया गया तो वे लोग मान गए। इस बीच, सुरक्षा के मद्देनजर लड़की के सिंहपुरा गांव के मुर्दाघर में रखे गए शव को पोस्टमार्टम के लिए फरीदकोट के गुरू गोविंद सिंह मेडिकल कालेज, अस्पताल ले जाया गया है । सरकारी प्रवक्ता ने यहां यह जानकारी दी।

जिला प्रशासन ने 24 लाख रुपये मुआवजा और लड़की की घायल मां को सरकारी नौकरी दिए जाने की घोषणा की थी। पंजाब अनुसूचित जाति, पिछड़ी जाति आयोग ने भी छह लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था। आज दिन में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह पीड़ित के परिवार वालों से मिलेंगे।
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