20/05/2015  अधिक समर्पण से रोगियों की सेवा करें नर्सेंः वीरभद्र सिंह
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सिस्टर निवेदिता नर्सिंग काॅलेज शिमला में सप्ताह भर चले अन्तरराष्ट्रीय नर्सिंग दिवस समारोह के समापन अवसर पर अपने सम्बोधन में नर्सों से अस्पतालों में रोगियों के साथ विनम्रता से पेश आने और पूर्ण समर्पण के साथ रोगियों की सेवा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नर्सों को फलोरेंस नाइटेंगल के आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए जो शांति, प्रेम और मानवता का प्रतीक मानी जाती हैं। उन्होंने कहा कि फलोरेंस नाइटेंगल केवल एक नर्स ही नहीं बल्कि समाज सुधारक भी थीं, जिन्होंने मानवता की सेवा के लिए अपना सारा जीवन समर्पित किया और नर्सिंग पेशे को भी एक नया स्वरूप दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिप्रेक्ष्य में नर्सिंग एक सम्मानजनक व्यवसाय पेशा है। कांग्रेस सरकार ने नर्सिंग के महत्व को ध्यान में रखते हुए सिस्टर निवदेदिता नर्सिंग स्कूल आरंभ किया और भारत सरकार से इसे इसे नर्सिंग काॅलेज का दर्जा प्रदान करवाने में सरकार कामयाब रही है। चिकित्सा क्षेत्र में नर्सों की भूमिका को देखते हुए सरकार कोशिश कर रही है कि नर्सों हर साल 60 नर्संे प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं जबकि 30 सीटें स्टाफ नर्सों के लिए रखी गई हैं ताकि वे उच्च प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी शिमला को प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सेवा योजना के अंतगर्त शामिल किया गया है। यह उत्तर भारत के अग्रणी संस्थानों में शामिल है और सरकार प्रयास कर रही है कि यहां स्वास्थ्य सेवाओं का और विस्तार हो ताकि प्रदेश के लोगों को इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत ही नहीं पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस अस्पताल का एक नया परिसर घणाहटी में बनाने का फैसला किया है। यहां 100 बिस्तरों का अस्पताल बनाया जाएगा ओर इस परिसर में डेंटल और नर्सिंग काॅलेज स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिलासपुर जि़ले में शीघ्र ही एम्स स्थापित किया जा रहा है। इसके अलावा, नाहन, चम्बा और हमीरपुर में तीन चिकित्सा महाविद्यालय भी स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नेरचैक स्थित ईएसआई अस्पताल एवं मेडिकल काॅलेज को अपने अधीन लेने पर विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग काॅलेज काफी संख्या में खुल रहे हैं और सरकार यह सुनिश्चित बनाएगी कि इन काॅलेजों में उचित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि लोगों को उनके घरों के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। इसके लिए जहां राज्य और जिला स्तर के अस्पतालों में सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है, वहीं उन दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य संस्थान खोले जा रहे हैं जहां अभी यह सुविध उपलब्ध नहीं है। इसी प्रकार विशेषज्ञ डाक्टरों, चिकित्सा अधिकारियों, नर्सों और पैरा मेडिकल स्टाफ के पद सृजित एवं भरे जा रहे हैं।  
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार डंेटल काॅलेज शिमला के समीप नर्सिंग टीचिंग ब्लाॅक स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि आईजीएमसी में डिजीटल एक्स रे मशीन खरीदने के लिए 80 लाख रुपये और मेमोग्राफी मशीन के लिए 2.78 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार रोगी कल्याण समितियों के अन्तर्गत अनुबंध पर कार्यरत नर्सों को नियमित करने पर विचार करेगी, क्योंकि उन्हें कई वर्षों के सेवाकाल के उपरांत भी पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने इस अवसर पर एसोसियेशन की स्मारिका का विमोचन भी किया। एसोसियेशन की प्रधान भावना ठाकुर ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और उनसे रोगी कल्याण समितियों के अन्तर्गत कार्यरत नर्सों को नियमित करने के लिए नीति बनाने का आग्रह किया। संगठन सचिव तेजिन्द्र कुमारी ने भी इन नर्सों के नियमितीकरण के लिए ठोस नीति तैयार करने का आग्रह किया। राजपत्रित कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष एस.एस. जोगटा ने भी नर्सिंग एसोसियेशन की मांगों का समर्थन किया। एसोसियेशन की महा सचिव कल्पना रचैक ने नर्सिंग छात्राओं को भत्ता प्रदान करने का आग्रह किया। इस अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। विधायक बम्बर ठाकुर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष हरीश जनारथा, हिमुडा के अध्यक्ष यशवंत छाजटा, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल, आईजीएमसी के प्रधानाचार्य डाॅ. एस.एस. कौशल, स्वास्थ्य निदेशक डाॅ. गुरंग, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डाॅ. रमेश चंद सहित अन्य वरिष्ठ चिकित्सक और नर्सिंग एसोसियेशन की पदाधिकरी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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