21/05/2015  मुख्यमंत्री का केन्द्र से शिमला के लिए शीघ्र उड़ानें बहाल करने का आग्रह
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पर्यटकों की सुविधा के लिए केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री अशोक गणपति राजू पूसापति से शिमला हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें प्राथमिकता के आधार पर शुरू करने का आग्रह किया है। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री से राज्य में सैलानियों के भारी प्रवाह के दृष्टिगत प्रदेश स्थित तीनों हवाई पट्टियों के विस्तारीकरण का मुद्दा भी उठाया।
आज नई दिल्ली में केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री से बैठक के दौरान वीरभद्र सिंह ने हिमाचल प्रदेश के लिए हवाई सेवाओं का मुददा उठाते हुए कहा कि राज्य के लिए और विशेष तौर पर राजधानी शिमला के लिए नियमित उड़ानें न होने के कारण प्रदेश को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शिमला के लिए घरेलू उड़ानें सितम्बर, 2012 से निलंबित हैं। उन्होंने केन्द्रीय मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि शायद देश में शिमला ही एकमात्र ऐसी राजधानी है जो हवाई संपर्क मार्ग से देश की राजधानी से नहीं जुड़ी है। उनका कहना था कि शिमला अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर पर्यटन की दृष्टि से विशेष स्थान रखता है, जिसे देखते हुए शिमला के लिए हवाई उड़ानें बहाल करने पर अविलंब विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य की ओर से लगातार आग्रह के बावजूद भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रहा है।
वीरभद्र सिंह ने शिमला, गग्गल (धर्मशाला) और भुंतर (कुल्लू) हवाई पट्टियों के विस्तारीकरण का मामला उठाते हुए कहा कि यहां आने वाले पर्यटकों की भारी तादाद को देखते हुए इन तीनों हवाई पट्टियों का विस्तार आवश्यक है, ताकि यहां बड़े विमान भी उतर सकें। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि इन हवाई अड्डों से उड़ानों की संख्या और परिचालन समय को भी बढ़ाया जाए, क्योंकि समुचित हवाई सेवाएं उपलब्ध न होने के कारण राज्य में आने वाले सैलानियों की संख्या प्रभावित हुई है।
मुख्यमंत्री ने गग्गल और शिमला हवाई अड्डों पर विमानों में ईंधन भरने की सुविधा प्रदान करने का भी आग्रह किया ताकि सैलानियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान में केवल भुंतर हवाई अड्डे पर ही यह सुविधा उपलब्ध है।
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