23/05/2015  गुरू अर्जुन देव का जीवन संदेश सभी के लिए प्रासंगिकः वीरभद्र सिंह
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सिखों के पांचवें गुरू, गुरू अर्जुन देव के शहीदी दिवस के अवसर पर टसंगतट श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि गुरू अर्जुन देव द्वारा धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व न्यौछावर करने का अनुकरणीय मार्ग आज भी सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है और सिखों की विरासत बन गया है। उन्होंने कहा कि गुरू अर्जुन देव ने पीड़ा और मृत्य पर विजय पाने, सत्य की रक्षा के लिए निर्भीक बने रहने, गुरुओं के सम्मान एवं धर्म की रक्षा के लिए असीम सहनशीलता के पवित्र गुरूबाणी के दिव्य संदेशों को जिया है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि गुरू अर्जुन देव सिख धर्म के अस्तित्व एवं मजबूती के लिए लड़े और उन्होंने हमेशा सत्य-मार्ग का अनुसरण किया। उनका बलिदान सम्मान से जीवन जीने और सम्मान से मृत्यु को गले लगाने का संदेश देता है।
वीरभद्र सिंह ने सिंघ सभा द्वारा प्रस्तुत मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया।
इससे पूर्व, गुरू सिंघ सभा प्रबन्धक समिति के अध्यक्ष जसविन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री व अन्य उपस्थित गणमान्य लोगों का स्वागत व सम्मान किया।
गुरूद्वारा प्रबन्धक समिति के महासचिव उपेन्द्र सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए समिति की मांगें उनके समक्ष रखी।
विधायक सुरेश भारद्वाज, हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनार्था सहित अन्य गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे।
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