14/07/2015  
एनजीटी की निगरानी मे आयोग करेगा अवैध खनन की जाँच
 
 

अवैध खनन - शिव कारपोरेसन संदेह के घेरे मे शिव कारपोरेसन को देना होगी एक करोड़ की गारंटी राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण की जस्टिक दिलीप सिंह एवं बलराम सिंह सजवान की युगल पीठ ने नरसिंहपुर जिले मे नर्मदा एवं सहायक नदियो मे हो रहे अवैध खनन पर विनायक परिहार की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुये एक अहम आदेश मे अवैध रेत उत्खनन की जाँच करने के लिए एनजीटी की निगरानी मे आयोग भेजने का निर्णय लिया ।
इसके पहले प्रदेश सरकार ने याचिका पर अपना जबाब पेश किया जिसमे अवैध खनन होने की बात को स्वीकार करते हुये नदी के अंदर भी खनन होने की बात भी कही है । अवैध खनन रोकने के लिया प्रशासन द्वरा की गई जप्ती का उल्लेख भी किया गया है । सरकारी अधिवक्ता सचिन वर्मा ने बताया की अवैध खनन वाले स्थान को म॰ प्र॰ खनिज निगम द्वरा शिव कारपोरेसन को दो साल पहले आवंटित किया था जिसकी अनुबंध अवधि समाप्त हो गई है  । सरकारी अधिवक्ता के अनुसार किसी खदान पर किसी भी  प्रकार के खनन वैध या अवैध की जम्मेदारी जिस ठेकादार को खदान आवंटित है उसी की होती है । न्यायाधिकरण ने अनुविभीगीय अधिकारी की जाँच रिपोर्ट के आधार पर शिव कार्पोरेसन को मध्य प्रदेश राज्य खनिज विभाग के माध्यम से नोटिस जारी कर पूछा है की क्यो न अवैध खनन के लिए दोषी मानते हुये  दंडित किया जाये । शिव कार्पोरेसन को सचिव खनिज विभाग मध्य 
प्रदेश शासन को एक करोड़ की सुरक्षा जमा करने कहा है । अगर शिव कार्पोरेसन को दोषी पाया जाता है तो यह सुरक्षा निधि जप्त कर ली जायगी ।
इस के पूर्व याचिका कर्ता विनायक परिहार ने न्यायाधिकरण के समक्ष एक आवेदन पत्र प्रस्तुत किया जसमे अवैध खनन अभी भी जारी होना बताया । याचिका कर्ता के निवेदन को स्वीकार करते हुये न्यायाधिकरण ने याचिका कर्ता को शपथ पत्र प्रस्तुत करने निर्देशित किया तथा  सम्पूर्ण क्षेत्र मे अवैध खनन की जाँच के लिए अपनी निगरानी मे जाँच आयोग भेजने का आदेश दिया । जाँच आयोग पर होने वाले खर्च को याचिका कर्ता को वहन करने कहा गया।  आज की सुनवाई के समय याचिकारता विनायक परिहार के साथ उनके अधिवक्ता विजय शहनी, प्रदेश सरकार के अधिवक्ता सचिन वर्मा, नरसिंहपुर खनिज अधिकारी बघेल, केंद्र सरकार व केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अधिवक्ता रोहित शर्मा व संदीप सिंह उपस्थित रहे । मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को राखी गई है ।

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