22/04/2016  पार्टियों के चुनावी घोषणा पत्र की जवाबदेही सुनिश्चित हो : सी.पी. व्यास
पंजाब। इंडियन ओसनिक पार्टी देश के चार राज्यों पंजाब, उत्तर प्रदेश, गोवा और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। इस बात की घोषणा इंडियन ओसनिक पार्टी के राश्ट्रीय अध्यक्ष सी.पी. व्यास ने चंडीगढ़ के होटल ताज में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि देश की राजनीति में एक क्रांतिकारी बदलाव के लिए इंडियन ओसनिक पार्टी का गठन किया गया है। इंडियन ओसनिक पार्टी का मानना है कि सभी पार्टियों के चुनावी घोषणा पत्र की समीक्षा हो एवं उसके प्रति संबंधित पार्टियों की जवाबदेही सुनिश्चित हो। इसका मुख्य कारण यह है कि राजनैतिक पार्टियां वोटरों को लुभाने के लिए अपने घोषणा पत्र में ऐसे वादे कर देती हैं कि जो कभी पूरे नहीं होते।

इसके लिए सभी पार्टियों को अपना चुनावी घोषणा पत्र चुनाव आयोग को भेजना चाहिए जहां यह शपथ पत्र दिया जाए कि मेरी पार्टी जो घोशणाएं कर रही है अगर सरकार बनने पर इस पर अमल न किया गया तो पार्टी का पंजीकरण रद्द कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि भाजपा हो या कांग्रेस या अब आम आदमी पार्टी क्या उन्होंने जो वादे किए थे और जो घोशणापत्र जारी किया था उस पर अमल कर रही हैं? आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में वाई-फाई की बात की थी तो क्या किया? भाजपा ने सबका साथ सबका विकास का नारा दिया था तो क्या उस पर अमल हुआ? कांग्रेस अपने 65 वर्षीय शासन में क्या गरीबी दूर कर सकी, युवाओं को रोजगार दे सकी? इसलिए दलों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और इसके लिए मैं चुनाव आयोग का दरवाजा खट खटाउंगा। उन्होंने आरक्षण के बारे में बात करते हुए कहा कि आज आरक्षण पर वोट बैंक की राजनीति हो रही है। दलित और महादलित में एक वर्ग को बांट दिया गया है। ओबीसी को कई वर्गों में विभाजित कर दिया गया है। मुस्लिम आरक्षण की मांग भी शुरू हो गई और अगर देखा जाए यह मांग जायज है क्योंकि सच्चर समिति की रिपोर्ट में यह बात कही गई है कि मुसलमानों की हालत दलितों से भी बदतर है।

इसी तरह से अब ब्राह्मण और अन्य उच्च जातियां भी आरक्षण की मांग कर रही हैं। अतः मेरा कहना है कि देश अभी जहां पहुंच गया है और जिस तरह की राजनीति हो रही है आरक्षण को खत्म कर देना चाहिए। उन्होंने सांप्रदायिकता को देश के लिए घातक विष बताते हुए कहा कि सांप्रदायिक ताकतें एक बार फिर देश को बांटने की ओर ले जा रही हैं? पूरे देश में नफरत का वातावरण है। लोग एक दूसरे को निशाना बना रहे हैं, जबकि एक दूसरे के बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने पंजाब में युवाओं के अंदर बढ़ रही नषा खोरी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ड्रग्स और नशाखोरी सबसे ज्यादा नुकसान पंजाब को पहुंचा रही है। इस समय पंजाब के ज्यादातर माता पिता अपने बच्चों की नशाखोरी से परेशान हैं। माता पिता तड़प रहे हैं कि उनके बेटे के जीवन में जहर घोला जा रहा है।  सवाल यह है कि अकाली दल हो, कांग्रेस हो, भाजपा हो या कोई और क्या नशाखोरी को बंद करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए गए? नहीं! क्योंकि अगर ठोस कदम उठाए जाते तो आज पंजाब के युवा अपने शरीर में जहर न घोल रहे होते। सी.पी. व्यास ने बेराजगारी के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि रोजगार देने के नाम पर युवाओं के साथ धोखा किया जा रहा है। भाजपा ने आम चुनाव 2014 में हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था लेकिन वो वादा आज दो साल होने के बाद भी पूरा नहीं हुआ है।

आतंकवाद के संबंध में सी.पी.व्यास ने कहा कि आतंकवाद जो न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व की समस्या बनी हुई है। मैं केवल भारत की पृष्ठभूमि में बात करना चाहता हूं कि आखिर भारत में आतंकवाद का वातावरण क्यों है? सवाल यह है कि क्या आज तक कोई एक वास्तविक आतंकवादी गिरफ्तार किया गया? क्या बेगुनाहों को गिरफ्तार करने से आतंकवाद खत्म होगा? पिछले 15 से 20 वर्षों में न जाने कितने आतंकवादी हमले हुए लेकिन क्या वास्तविक अपराधियों को गिरफ्तार किया गया? यह सवाल इसलिए उठा रहा हूं कि जिन्हें गिरफ्तार किया गया था वह तो अदालतों से बाइज्जत बरी हो रहे हैं जिसका अर्थ है कि वास्तविक आतंकवादी पकड़े ही नहीं गए। सवाल यह है कि इसका जिम्मेदार कौन है?
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