25/04/2016  सीतापुर में सीता के साथ बलात्कार

अखिलेश सरकार की महिला सुरक्षा संबंधी तमाम दावों की पोल खोल रही है सीतापुर पुलिस

मामला सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र का है। जहाँ करीब एक माह पूर्व एक ईंट भट्टे पर मजदूरी कर रही दलित महिला के साथ भट्टा मालिक समेत तीन लोगों द्वारा गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद पीड़िता न्याय पाने के लिये दर दर भटकती रही लहरपुर में उसे न्याय न मिलता देख वो अपने साथ हुए बलात्कार की घटना को अंजाम देने वाले बलात्कारियो के खिलाफ शिकायत पत्र लेकर पुलिस अधिक्षिक सीतापुर के पास पहुची, और न्याय की गुहार का मामला पुलिस अधीक्षक के पास जाने के बाद लहरपुर पुलिस ने आनन फानन में आरोपियो के खिलाफ गैंगरेप सहित अन्य धाराओं में मुकदमा तो दर्ज कर लिया गया था लेकिन आरोपियों ने अपनी ऊपर पुलिस का शिकंजा कसते देख अपने रसूक के दम पर शुरू किया पुलिस और आरोपी की सांठ-गांठ का खेल इसी क्रम में मामले को कमजोर और ख़ारिज करने की कोशिश चालू हो गयी।

सीतापुर पुलिस ने इस मामले से जल्द पीछा छुड़ाने और केस को जल्द रफादफा करने के लिए एक ऐफिडेविट का सहारा लिया और इतने गंभीर मामले को खत्म कर दिया।

सीतापुर पुलिस की कार्यशैली और सीतापुर पुलिस से न्याय न मिलते देख पीड़ित महिला एक बार फिर हिम्मत दिखाते हुए करीब एक माह बाद पीड़ित महिला ने जब प्रदेश के पुलिस मुखिया से न्याय की गुहार लगायी तब पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

पीड़िता महिला की माने तो सीतापुर के लहरपुर कोतवाली इलाके के छावनी में कलामुद्दीन का ईंट का भट्टा है जोकि जिला ईंट भट्टा संघ के अध्यक्ष भी है पीड़ित महिला सीता उम्र 40 पत्नी श्री कृष्ण निवासी प्रहलादपुर छावनी भट्टे पर मजदूरी का कार्य करती थी। एक रात कलामुद्दीन अपने दो साथियो के साथ महिला के घर में जबरन घुस गया और दलित महिला के साथ तीनो ने बारी बारी बलात्कार किया और महिला के विरोध करने पर महिला को जमकर मारा और धमकी देकर गए कि अगर किसी को बताया तो तेरे परिवार के सभी लोगो को मार देंगे जिसके बाद इस दलित महिला ने अपने साथ हुए बलात्कार के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी महिला ने तहरीर में आरोप लगाया था की भट्टा मालिक कलामुद्दीन, उस्मान और भोला ने उसके साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। जिसके बाद महिला की तहरीर पर लहरपुर पुलिस ने कलामुद्दीन सहित दो लोगों के खिलाफ धारा 376 के तहत और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

20 अप्रैल 2016 को दलित महिला सीता ने डीजीपी उत्तर प्रदेश और पुलिस अधीक्षक को एक शपथ पत्र देकर आरोप लगाया था की सीतापुर पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के बाद भी आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं की, जिसके चलते महिला और उसके परिवार को जान से मार देने की लगातार धमकी भट्टा मालिक कलामुद्दीन की तरफ से मिल रही है। वहीं उस महिला ने पत्र में यह भी कहा कि अभियुक्त ने उसे और उसके पति को घर जाते वक्त पकड़ लिया था और पेड़ से बांधकर काफी मारा पीटा, साथ ही जबरन सादे स्टाम्प पर अंगूठा भी लगवा लिया उसी स्टाम्प के आधार पर सीतापुर पुलिस ने केस को बंद कर दिया है। और मामले से अपना पल्ला झाड़ लिया है। सीतापुर पुलिस की कार्य शैली को देख साफ लग रहा है की कही न कही पुलिस आरोपियों से हमदर्दी रखते हुए मामले को देख रही है। वही उत्तर प्रदेश सरकार के महिला सुरक्षा के लिए बनाये गए कानून की भी सच्चाई और जमीनी हकीकत देखने को मिल रही है।
महिला द्वारा डी जी पी को पत्र देने के बाद पीड़ित महिला को क्या न्याय मिल सकेगा ये तो शायद आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन इस तरह की घटना और प्रदेश में हो रही  महिला अत्याचारो की घटना सरकार के सारे दावो की पोल खोल देती है।

रिपोर्ट गौरव शर्मा

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