19/06/2016  
भारत ने योग की तरफ दुनिया को आकर्षित किया: प्रेमप्रकाश पाण्डेय
 
 

 छत्तीसगढ,(CG) रायपुर,  उच्च शिक्षा मंत्री  प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने  राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सभा गृह में राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों के लिए आयोजित  चार दिवसीय योग प्रशिक्षण और चिंतन शिविर के दूसरे दिन के सत्र को संबोधित किया।
    उन्होंने युवाओं का आव्हान करते हुए कहा कि उन्हें अपने भीतर की प्रतिभा और ऊर्जा को पहचान कर अपने भविष्य को संवारना चाहिए। युवाओं के साथ-साथ हर वर्ग और हर उम्र के लोगों के लिए योग स्वास्थ्य की दृष्टि से काफी लाभदायक है। इससे मनुष्य का शारीरिक और मानसिक विकास होता है।  पाण्डेय ने कहा कि आज के समय में हमें पहले हर चीज के बारे में दुनिया बताती थी, तब हमें जानकारी होती थी, लेकिन पहली बार भारत ने दुनिया का ध्यान योग की तरफ आकर्षित अब दुनिया के अधिकांश देशों के लोग योग करने लगे है। यह भारत के लिए सुखद अनुभव है।  
    उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि लोग पहले भौतिक सुख-सुविधाओं पर अधिक ध्यान देते थे लेकिन महाऋषि पतंजलि की योग विद्या को बाबा रामदेव ने सरल तरीके से लोगों तक पहुंचाने में मदद की। अब लोगों का ध्यान योग की तरफ हुआ यह लोकहित और देशहित में है। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. बी.एल. अग्रवाल और कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील ने भी सत्र को संबोधित किया।  उच्च शिक्षा मंत्री पाण्डेय ने कहा कि  हम सब को बचपन में सिखाया जाता है कि योग का मतलब जोड़ना है और जो व्यक्ति  अपने जीवन में जो कुछ भी जोड़ता है चाहे वह विद्या, हो, धन, हो या  और कुछ जोड़ने से व्यक्ति शक्तिशाली होता है और शक्तिशाली व्यक्ति अपने समाज के साथ-साथ देश के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जो बच्चो यहां से जो कुछ सीख कर जाए वह अपने जीवन में उसे अपनाए तभी एसे शिविर सही मायनों को सार्थक होंगे।
    पतंजलि  योग समिति के सदस्यों द्वारा योगका प्रदर्शन किया। बिलासपुर विश्वविद्यालय और तकनीकी विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा अब तक योग शिविर लिए गए प्रशिक्षण के अनुभवों को साझा किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के राज्य समन्वयक अधिकारी समरेन्द्र सिंह ने स्वागत भाषण देते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों के बारे में बताया। आभार प्रदर्शन  कृषि विश्वविद्यालय के ओ.पी. कश्यप ने आभार प्रकट किया। 

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