23/06/2016  
अखण्ड भारत के प्रणेता थे श्यामाप्रसाद मुखर्जी
 
 

रायपुर। भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के पूण्यतिथि पर भाजपा कार्यालय एकात्म परिसर में भाजपा रायपुर जिले द्वारा उन्हे स्मरण करते हुए पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओ ने पुष्पांजली अर्पित की।
     इस अवसर पर रायपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री रमेश ठाकुर जी डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी भारत वर्ष के अखण्ड भारत के प्रणेता थे उन्होने भारत वर्ष को एक सुत्र में बांधे रखने के लिए कभी भी अपने सिध्दांतो से समझौता नही किया। यहाँ तक तात्कालिन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नीतियो के खिलाफ तात्कालीन मंत्री  मंडल से इस्तीफा देकर जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बनाये रखने के लिए संघर्ष का ऐलान कर दिया था। उस समय वे केन्द्रीय मंत्री मंडल में उद्योग मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद के मंत्री थे परन्तु वे तो देशभक्त थे। पद की उन्हे कोई लालसा नही थी। उन्होने संसद में एक देश दो प्रधान, दो विधान दो निशान का पुरे जोर ढंग से विरोध किया। पूरे देश में उन्हे इस राष्ट्रभक्ति से अपार जनसमर्थन प्राप्त हुआ। श्री मनोज प्रजापति  ने आगे कहा कि डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की संघर्ष यही पूरी नही हुयी वे अपने सिंध्दातो की पूर्ति के लिए राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के नेताओ से सम्पर्क किया तब उनके प्रयासो में जनसंघ की स्थापना 21 अक्टुबर 1951 में की गयी। इसके पश्चात उनका संघर्ष और तेज हुआ और वे कश्मीर को मूल धाराओ में लाने के लिए कश्मीर कूच कर दिये। पूरा भारत वर्ष उनके इस विचार के साथ खड़ा हो गया कि एक देश दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नही चलेगा। जैसे ही वे कश्मीर की सीमा में दाखिल हुए तात्कालीन मुख्यमंत्री शेख अब्दुल्ला ने उन्हे गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया और अज्ञात स्थान पर उन्हे नजर बंद कर रखा गया। किसी को भी उनसे मिलने जुलने नही दिया जाता था। और जेल में ही उनकी रहस्यमयी परिस्थिियो में मृत्यु हो गयी। आज भी उनकी मृत्यु कैसे हो गयी यह प्रश्न बना हुआ है। इस कार्यक्रम पर प्रमुख रूप से सुभाष तिवारी, मीनल चौबे, मिर्जा एजाज बेग, खेमराज बैद, सत्यम दुवा, बजरंग खडेलवाल, श्यामसुंदर अग्रवाल, बिन्दु महेश्वरी, मुकेश शर्मा, राजीव चक्रवर्ती, ज्ञानचंद चौधरी, अकबर अली, संजुनारायण सिंग, राजेश पाण्डे, श्याम चावला, मनोज वर्मा, राजकुमारी व्यास, संजय शुक्ला, तुषार चोपडा, प्रमोद साहू, मोहन नेभानी, दीपक तन्ना, शिवजलम दुबे, शैलेन्द्री परगनिया, वंदना इंगोले, दीलिप यदु, खेमराज साहू,  आशुचन्द्रवंशी, सुभद्रा तम्बोली, हरिश ठाकुर, प्रकाश यादव, सुनील कुकरेजा, राजू साहू, भूपेन्द्र साहू, गणेश साहू, विवके गुप्ता, संध्या दिनेश शर्मा, आनंद निषाद, रामकृष्ण पवार,  अनुप खेलकर, संजय जोशी, पवन सिंघानिया, मनोज शर्मा आदि उपस्थित थे।

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