01/07/2016  वाल्मीकि जाति के लिए अलग से आरक्षण मांग
भारतीय वाल्मीकि महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एंव पूर्व विधायक बंता राम वाल्मीकि के नेतृत्व में प्रदेश स्तर के वाल्मीकि समाज के एक शिष्ट मंडल ने मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री हरियाणा श्री मनोहर लाल खट्टर से भेंटकर एक ज्ञापन दिया। जिसमें पंजाब पै्रट्रन पर हरियाणा में वाल्मीकि एंव मजहबी समाज के लिए पृथक आरक्षण व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। 
बंता राम वाल्मीकि ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि संयुक्त पंजाब में 1959 व 1965 में यश कमेटी व वृष भान कमेटी जिसमें हरियाणा से पूर्व विधायक रामकिशन आजाद, पूर्व विधायक रण सिंह व पूर्व विधायक अमर सिंह धानक भी सदस्य थे ने व्यापक सर्वेक्षण के बाद  सफाई कामगार वाल्मीकि समाज व मजहबी जाति को वंचित जातियां मानते हुए इन जातियेां के लिए पृथक आरक्षण की सिफारिस की थी क्योंकि 1966 में हरियाणा पंजाब से अलग हो गया इस प्रकार पंजाब सरकार ने 1975 में इन कमेटियों की सिफारिस मानते हुए वाल्मीकि व मजहबी जाति को कुल 20 पं्रतिशत आरक्षण में से 5 प्रतिशत अलग से देना मंजूर कर लिया जो आज भी जारी है तथा उच्चत न्यायालय ने भी इसे उचित माना है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में पंजाब की तर्ज पर यदि जनसंख्या अनुपात पर भाजपा सरकार वाल्मीकि मजहबी जाति को 5 प्रतिशत अलग से देना मंजूर करती है जो यह कानून जायज होगा क्योंकि यह व्यवस्था पंजाब में जारी है। मुख्यमंत्री ने साकारात्मक रूख दिखते हुए कानूनी राय के बाद विचार करने का भरोसा दिया। 
इस अवसर पर पूर्व वन अधिकारी बनारसी दास, प्राण रत्नाकर, तेजिन्द्र बिडलान, सत्यप्रकाश वैद, सीता राम, जगदीश गिल, धीरज सोदा, भरत सिंह गौरी इत्यादि भी शामिल थे।
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