06/07/2016  IFWJ की राष्ट्रीय परिषद के 71वें सम्मेलन की तैयारी शुरू
जयपुर: राजस्थान के 33 में से 24 जनपदों के पत्रकार यूनियनों के अध्यक्ष, महामंत्री तथा वरिष्ठ पदाधिकारियों की गत 3 जुलाई को हुई बैठक में सीमावर्ती नगर जैसलमेर में IFWJ की राष्ट्रीय परिषद के 71वें सम्मेलन (सितम्बर 23/26 की तैयारियां शुरू कर दी है। समूची राजस्थान स्टेट काउंसिल ने स्वागत समिति का आकार ले लिया है। लगभग 500 प्रतिनिधि 31 प्रदेशों से आयेंगे।
इण्डियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष कामरेड के. विक्रम राव ने शंका जाहिर की कि मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ कानूनी दांवपेच में फंस कर रह गया है। राजस्थान के प्रदेशीय सम्मेलन को फोन पर लखनऊ से सम्बोधित करते हुये उन्होंने कहा कि आई.एफ.डब्लू.जे. को नये सिरे से लम्बी लड़ाई मजीठिया वेज से वंचितों को न्याय दिलाने हेतु करनी होगी जिसके लिये IFWJ एक विशेष सम्मेलन आयोजित कर आन्दोलन की रूपरेखा तैयार करेगा।जयपुर में प्रदेशाध्यक्ष जगदीश नारायण जैमन की अध्यक्षता में राज्य के जिला संगठनों की ईकाइयों के अध्यक्ष तथा महामंत्रियों के सम्मेलन का मुख्य ऐजन्डा राज्य में संगठन को मजबूत करना, मीडिया कर्मियों की सुरक्षा, आवासीय व्यवस्था, पेंशन चिकित्सा सुविधा के साथ-साथ मजीठिया वेज बोर्ड के लम्बित प्रकरणों को लेकर था। इसमें 97 लोग शरीक हुये।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुऐ वरिष्ठ पत्रकार एवं पिंकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि वे IFWJ के सिपाही हैं। जब भी उनकी आवष्यकता होगी वे मीडिया कर्मियों के लिये संघर्ष करने को तैयार हैं। इन्हीं के सहयोगी क्लब के महासचिव मुकेष चैधरी ने कहा कि राज्य में यूनियन को मजबूत करने के लिए वे अपने युवा साथियों को प्रोत्साहित करेगें जिसके लिये वे राज्य के सभी जिलों का दौरा करेगें। क्लब के दोनों पदाधिकारियों के साथ उनकी कार्यकारिणी के सदस्य मुकेश पारीक, वसीम कुरैशी, राहुल भारद्वाज, आदि थे।
वरिष्ठतम पत्रकार अनिल दाधीच ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में आई. एफ. डब्लू. जे. संगठन का मीडिया कर्मियों में जनाधार है। कुछ तथाकथित पत्रकार जो धन्धेबाज हैं, वे इसी नाम से अपनी दुकान चलाने की असफल कोशिशें जयपुर में गतमाह कर चुकें हैं। वे सरकार को तो संघ का बाना पहन कर लूटने में सफल हो गये लेकिन पत्रकारों की नफरत के शिकार हो गये। ऐसों से हमें बचना तथा उन्हें बेनकाब करना होगा।राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि उन्होंने संगठन की जड़े पूरे पश्चिम राजस्थान में जमा दी है जिसके कारण ही उन्होंने दो साल पहले जैसलमेर में संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कराई थी। संगठन की गतिविधियों से प्रभावित होकर सितम्बर माह में तीन दिवसीय राष्ट्र सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। प्रदेश के महासचिव एस.एन. गौतम ने केन्द्र सरकार की समाचार पत्रों के लिये लागू की जाने वाली नई नीति पर प्रकाश डालते हुये चिंता व्यक्त की कि इस नीति से लघु, मध्यम, पाक्षिक, साप्ताहिक पत्र बन्द हो जाऐगें जिसका प्रभाव संभाग, जिला, स्थर के पत्रकारों पर पड़ेगा। इस कारण इस नीति का विरोध करना यूनियन का मुख्य ऐजन्डा बनना चाहिए।
हनुमानगढ़ के जिलाध्यक्ष राजकुमार नागल ने अगली प्रांतीय बैठक नोहर में 20/21 अगस्त को आयोजित करने का प्रस्ताव रखा जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। अन्य जिलों से आये मीडिया कर्मियों ने अपने विचार रखें जिनमें प्रमुख थे जयपुर के प्रेम शर्मा, उदयपुर के डा. मुनीष अरोड़ा, भरतपुर के उमेश लवाड़ियां, हनुमान गढ़ के महामंत्री विद्याधर मिश्र, करौली के देवी सहाय, टोंक के निभर्य गुर्जर, कोटा के रजत खन्ना, बून्दी के रमेश शर्मा, बीकांनेर वाले के.के. सिंह, जोधपुर के प्रलयकर जोशी तथा धोतापुर के गोयेश चैधरी।
मंच संचालन करते हुऐ वरिष्ठ पत्रकार सत्य पारीक ने संघे शक्ति का नारा देते हये कहा कि राज्य में संभाग, जिलों से लेकर तहसील स्तर तक आई.एफ.डब्लू.जे. का परचम फहराने के प्रयास शुरू हुये हैं, जो सफल होंगे। पारीक ने घोषणा की कि जो जिला ईकाई प्रांतीय सम्मेलन आयोजित करेगी उसे वे बतौर सहयोग ग्यारह सौ रूपये सहायता देंगें।सम्मेलन में राज्य के वरिष्ठतम फोटो जर्नलिस्ट सुरेन्द्र जैन पारस को सम्मनित किया गया। सम्मेलन में उपस्थित सभी मीडिया कर्मियों को प्रेस क्लब की काय्रकारिणी ने आमंत्रित कर सम्मानित किया। सम्मेलन में विशेष रूप से शरीक हुये वरिषठ छायाकार महेश आचार्य ने अपने कैमरे का कमाल दिखाते हुये, प्रत्येक क्षण के चि़त्र सहित समाचार सोषल मीडिया पर प्रसारित किये। सम्मेलन का समापन राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बाबुलाल भारती द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव से हुआ।बैठक के दौरान वरिष्ठ पत्रकार  निरूपमा आदित्य के पिताजी के निधन पर दो मिनट का मौन रख कर दिवंगत आत्मा की शान्ति की प्रार्थना की गई।
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