28/07/2016  भाजपा का प्रशिक्षण शिविर चम्पारन में प्रारंभ हुआ
रायपुर। पं. दीनदयाल प्रशिक्षण महाभियान का प्रदेश स्तरीय प्रशिक्षण आज चम्पारन में आरंभ हुआ। प्रशिक्षण  का शुभारंभ झंडा वंदन से हुआ। इसके पश्चात दीप प्रज्वलन तथा वंदेमातरम का गायन हुआ। प्रशिक्षण अभियान के प्रदेश संयोजक बनवारीलाल अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी देश में एक मात्र राजनीतिक दल है जो समय समय पर अपने कार्यकर्ताओं के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। इसका उद्देश्य यह है कि हम कार्यकर्ताओं को सतत अपने नीतियों और सिद्धांतों की याद दिलाते रहे हैं जिससे वे ये न भूलें कि हमारा उद्देश्य सत्ता प्राप्ति नहीं अपितु भारत को परम वैभव युक्त राष्ट्र बनाना है। 
पं. दीनदयाल प्रशिक्षण महाभियान के राष्ट्रीय संयोजक महेश चंद्र शर्मा ने अपने उद्बोधन में भारतीय जनता पार्टी के पंच निष्ठ सिद्धांतों के संबंध में व्याख्यान दिया। उन्होंने कि भारतीय जनता पार्टी का गठन मूल्य आधारित राजनीति के लिए हुआ है। स्वाधीनता के पश्चात देश के समक्ष यह समस्या खड़ी हो गई थी कि हमें किस वाद का अनुसरण करना है। एक तरफ साम्यवादी विचारधारा थी तो एक तरफ पूंजी वाद का बोलबाला था। हमारे चिंतक पं. दीनदयाल उपाध्याय ने यह कहा कि कोई भी विदेशी विचारधारा का अनुसरण हमारे देश की प्रकृति और मूल्यों की रक्षा नहीं कर सकता और उन्होंने मनुष्य को एक समग्र ईकाई मानते हुए एकात्म मानववाद की अवधारणा प्रस्तुत की, जबकि पश्चिम की सारी विचारधाराएं मनुष्य को खण्डित रूप में देखती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज जिस सशक्त और संगठित रूप में दिखती है उसका कारण हमारी विचारधारा आधारित राजनीति है। दूसरे राजनीतिक दलों में विखंडन का कारण व्यक्तिवाद और मूल्य आधारित राजनीति का अभाव रहा है। भारतीय जनता पार्टी की एक जुटता का कारण हमारा राष्ट्रवादी विचारधारा को सर्वोपरि मान कर राजनीति करना है। हमारे लिए राजनीति एक मिशन है। सत्ता हमारे लिए लक्ष्यों तक पहुचने तक एक साधन मात्र है, वह हमारे लिए साध्य नहीं है। हमारी मंजिल तो भारत माता का परम वैभव है। 
राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री सौदान सिंह ने अपने उद्बोधन में कार्यकर्ताओं से अनौपचारिक ढंग से चर्चा प्रारंभ की। उन्होंने कार्यकर्ताओं के व्यक्तित्व विकास विषय पर अपने सारगभित उद्बोधन में कहा कि भारतीय जनता पार्टी की पूंजी उसके कार्यकर्ताओं की संख्या है और इस संख्या में लगातार वृद्धि का कारण नये कार्यकर्ताओं के साथ पुराने पदाधिकारियों का अपनत्व का व्यवहार है। हम कार्यकर्ता को उस तरह सहजते हैं जिस तरह कोई माता अपने बच्चे को सहेजकर रखती है। हम उस पर दृष्टि बनाए रखते हैं. और उसके अच्छे कायों पर उसकी पीठ भी थप थपाकर उसकी हौसला अफजाई भी करते हैं। जिस कार्यकर्ता में संभावनाएं होती हैं, पार्टी उसके विकास में पूरा योगदान देती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा एक ऐसी पार्टी है जिसमें एक साधारण कार्यकर्ता प्रधानमंत्री के पद पर आसीन हो सकता है और छत्तीसगढ़ का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पार्षद के पद से अपना राजनीतिक सफर प्रारंभ करने वाले डॉ. रमन सिंह आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री हैं। उन्होंने कहा कि हर कार्यकर्ता की क्षमताओं का पार्टी बिना किसी पक्षपात के उपयोग करती है और भविष्य में मौका भी दिया जाता है। 
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