राष्ट्रीय (01/09/2016) 
भाजपा महिला मोर्चा कार्यकर्ताओं ने तालकटोरा स्टेडियम पर मुख्यमंत्री का किया घेराव
नई दिल्ली : दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और सांसद मीनाक्षी लेखी एवं प्रवेश वर्मा ने आज एक संयुक्त पत्रकारवार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सत्ता में बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उनकी सरकार दुराचारियों, फर्जी वाड़े करने वालों, घोटालेबाजी एवं उगाही करने वालों और महिला उत्पीड़कों की सरकार बन कर रह गई है।  दिल्ली में विकास ठप्पा है और केजरीवाल के द्वारा स्वयं बनाया एक नारा आज जनता के बीच हास्य का केन्द्र बन गया है।  सोशल मीडिया में आज चर्चा में है एक वाट्सप वो परेशान करते रहे और अरविन्द केजरीवाल के मंत्री ऐश करते रहे।  पत्रकार सम्मेलन में मीडिया प्रभारी  प्रवीण शंकर कपूर भी उपस्थित थे।
दिल्ली भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष  कमलजीत सहरावत के नेतृत्व में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल का घेराव किया और मांग की कि मुख्यमंत्री अपने मंत्री संदीप कुमार पर कानूनी कार्रवाई करायें।
सतीश उपाध्याय ने कहा कि आज दिल्ली में एक अजीत स्थिति है कि मुख्यमंत्री जनता के सामने आने से डर रहे हैं मीडिया से बच रहे हैं।  कलंकित मंत्री का मंत्रिमंडल से निष्कासन ट्वीटर से जारी हो रहा है और सफाई देने के लिए वीडिओ काॅन्फ्रेसिंग का सहारा लिया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री में अंश भर भी नैतिकता बची है तो वह सामने आकर इस विषय पर मीडिया के एवं जनता के सवालों का जवाब दें और महिला उत्पीड़क विधायकों को विधानसभा से निष्कासित करें।  उन्होंने कहा कि शिकायतकत्र्ता के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि केजरीवाल सरकार के पास मंत्री संदीप कुमार के दुराचार का वीडिओ 15 से 20 दिन पहले से था और सरकार की उस पर कार्रवाई की कोई मंशा नहीं थी।  कल जहां दिल्ली में कल अमरीकी विदेश मंत्री ने अपने एक कार्यक्रम में जो नाव में आने की टिप्पणी की उसने केजरीवाल को कटघरे में ला दिया और एक टीवी चैनल ने भी संदीप कुमार की वीडिओ जारी करने के संकेत दिये।  ऐसे में बौखलाये मुख्यमंत्री केजरीवाल ने मंत्री को हटाने की घोषणा कर यह दर्शाने की कोशिश की मानो उन्होंने स्वतः कार्रवाई की हो जबकि यह कार्रवाई अपनी अक्षमताओं को छुपाने और मीडिया के भय के चलते की गई।
मीनाक्षी लेखी ने कहा कि जो भयावह स्थिति आज हम देख रहे हैं वह परिणाम हैं एक ऐसी पार्टी पर विश्वास करने का जो कभी पार्टी थी ही नहीं बस एक सत्ता लोलुप ने कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा जोड़कर बनाया भानुमति का कुनबा जो मात्र 18 माह में बिखर गया है।  उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सत्ता में आने से पूर्व कहा था कि हमनें अपने एक-एक विधायक की पूरी जांच की है और मैं जनता से वायदा करता हूँ कि हमारे प्रत्याशी बेदाग हैं।  आज जिस परिस्थिति में वो खड़े हैं उनके लिए जनता के बीच आना भी दूभर हो गया है। चारों ओर उनके अराजक, महिला उत्पीड़क, रिश्वतखोर, उगाही करने वाले, घोटाले करने वाले एवं अब तो दुराचार में लिप्त विधायकों के मामले दिख रहे हैं।  भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि मुख्यमंत्री अविलम्ब जनता के बीच आकर अपने ऐसे दुराचारी एवं भ्रष्टाचारी विधायकों पर कार्रवाई करें।  उन्होंने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि आम आदमी पार्टी से जुड़े कुछ नेता ऐसा दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह रजामंदी से बने रिश्तों का मामला है पर हम उनसे पूछना चाहते हैं कि रजामंदी से व्यक्ति कितनी महिलाओं से रिश्ता बनाता है।  यह रजामंदी का मामला नहीं बल्कि राजनीतिक लाभ पहुंचाने या नौकरी देने का झांसा देकर गरीब महिलाओं से संबंध बनाने के मामले लगते हैं और इनकी पुलिस जांच आवश्यक है। 
सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि निर्भया कांड से राजनीतिक लाभ उठाकर उत्पन्न हुई पार्टी के शासन में आज महिलाओं पर अत्याचार एवं शोषण के मामले सामने आ रहे हैं।  सबसे ज्यादा आश्चर्य यह देख कर होता है कि केजरीवाल की पार्टी की महिला शाखा ऐसे मामलों में मौन साधे बैठी है।  केजरीवाल कहते थे कि चाहे मेरे सारे विधायकों को जेल में डाल दो तो भी शासन चलाकर दिखा दूंगा शायद उन्हें अपने विधायकों की काली करतूत का पूर्व आभास था। वर्मा ने कहा कि आज जिस तरह मंत्री संदीप कुमार ने अपना बचाव करने के लिए बाबा साहब अम्बेडकर के नाम का आवाह्न किया उसने पूरे देश शर्मसार किया है और बाबा साहब के नाम का अपमान किया है।  उन्होंने कहा कि बहुत संभव है कि इन दुराचारों में सरकारी निवास का दुरूपयोग हुआ होगा, मुख्यमंत्री केजरीवाल को चाहिए कि संदीप कुमार से सरकारी निवास का कब्जा आज रात से पूर्व वापस लिया जाये।  उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में जो शर्मसार स्थिति हम देख रहे हैं कभी ऐसी स्थिति को देखकर हम बिहार और उत्तर प्रदेश में जंगल राज होने की बात कहा करते थे। 
भाजपा नेताओं ने मांग की कि मुख्यमंत्री अगर सच में इस घटना पर पश्चाताप करना चाहें तो उन्हें मंत्री संदीप कुमार पर पुलिस कार्रवाई की पहल करनी चाहिए।
देवेंद्र कुमार समाचार वार्ता 
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