12/09/2016  सन्त निरंकारी मिशन का रक्तदान कैंप और मानवता एवं विश्वबन्धुत्व के प्रति आध्यात्मिक समारोह
शिमलाः 11 सितम्बर, 2016, संत निरंकारी मिशन द्वारा निरंकारी चेरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन ए.डी.एम. लॉ एण्ड ऑर्डर जी.सी. नेगी जी ने किया। शिविर में 248 लोगों ने रक्तदान किया, जिसमें 104 महिलाएं भी शामिल थीं।
अपने उद्बोधन में ए.डी.एम. जी.सी. नेगी जी ने कहा कि रक्तदान करने से प्रत्येक मानव का मानव से खून का रिश्ता बनता है। निरंकारी मिशन इसमें भरपूर योगदान दे रहा है, जो प्रशंसनीय कार्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रेरणा आज लोगों को फैलाने की जरूरत है। खासकर गांव में लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना होगा, ताकि सभी मानवसेवा में आगे आ सकें। रक्तदान करने से किसी प्रकार की कमजोरी नहीं आती और न ही बीमार होते हैं, बल्कि आदमी रोग मुक्त हो जाता है। आपने कहा कि लोगों में रक्तदान के प्रति भय को दूर करने का कार्य आज निरंकारी मिशन बखूबी कर रहा है। 
मिशन की वरिष्ठ संत व जोनल इंचार्ज बहन रजवंत कौर भुल्लर जी ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। अपने सम्बोधन में उन्होनें कहा कि दिवंगत बाबा हरदेव सिंह जी महाराज की प्रेरणा से सन् 1986 से रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं और वर्तमान सद्गुरू माता सविन्दर हरदेव जी भी यही चाहते हैं कि रक्त नालियों में नहीं मानव की नाडि़यों में बहे व रक्त की कमी के कारण कोई व्यक्ति प्राणों का त्याग न करे। उन्होंने कहा कि जैसे बल्ड देने से एक जीवन बचता है, इसी प्रकार परमात्मा के दर्शन करने से समस्त मानवता बच सकती है। 
मिशन के मुख्यालय से आए श्री कुलदीप सिंह जी ने रक्तदान एवं जन-कल्याण के क्षेत्र में सन्त निरंकारी मिशन की गतिविधियों की जानकारी दी। अपने सम्बोधन में उन्होनें कहा कि सन्त निरंकारी मिशन द्वारा सद्गुरू माता सविंदर हरदेव जी महाराज की कृपा से देश में ही नहीं अपितु दूर-देशों में भी रक्तदान शिविरों का आयोजन किए जा रहे हैं। रक्तदान के क्षेत्र में मिशन के नौजवान भाई-बहनें अह्म भूमिका निभा रहे हैं। आज मिशन देश भर की रक्तदाता संस्थाओं में सबसे अग्रणी है।
इसके साथ ही प्रातः 10 बजे से ओपन गेयटी थियेटर, रिज मैदान में सामाजिक जागरूकता को समर्पित नुक्कड़ नाटकों का आयोजन भी किया गया, जिसमें जोन की विभिन्न ब्रांचों से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों एवं सैलानियों का मन मोह लिया। 
तद्पश्चात दोपहर 1 बजे से गेयटी थियेटर में मानवता पर केन्द्रित आध्यात्मिक समारोह का आरम्भ हो गया और 2 बजे तक थियेटर हॉल दर्शकों से पूरी तरह भर गया। इस कार्यक्रम का शुभारम्भ पवित्र अवतार वाणी के शब्द गायन से हुआ तथा उसके बाद सन्त निरंकारी मिशन की जन-कल्याणकारी गतिविधियों की एक डॉक्यूमेन्ट्री दिखाई गई। स्थानीय एवं शिमला जोन की अनेकों ब्रांचों से आए प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जहां एक ओर सभी का मनोरंजन किया वहीं मिशन का सत्य पर आधारित संदेश भी सभी तक पहंुचाया। देश के विभिन्न भागों से आए सैलानियों एवं स्थानीय जनता ने इस कार्यक्रम का भरपूर आनन्द उठाया और इस कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। 
समागम की अध्यक्षता हेतु केन्द्रीय प्रचार विभाग से विशेषतौर पर आमंत्रित निरंजन सिंह जी, आई,ए,एस,(सेवानिवृत) द्वारा की गई। अपने सम्बोधन में उन्होनें कहा कि हम सभी अपना-अपना परमात्मा बनाकर बैठे हैं और दूसरे की भावनाओं को नजर अन्दाज कर देते है, जबकि समस्त धर्म ग्रन्थों एवं गुरू-पीर-पैगम्बरों के अनुसार परमात्मा एक है और सभी का सांझा है। सन्त निरंकारी मिशन का बहृानुभूति पर आधारित एकत्व का सन्देश समस्त मानवता को एक दूसरे के करीब लाता है।   
कार्यक्रम का संचालन बहन मुक्ता अलघ व पकंज पोपली जी ने किया। 

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