15/07/2017   स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने यमुनानगर में नगर निगम के क्षेत्र के गांव भटौली में खसरा नम्बर में जमीन के अंदर गली व रास्तों को दिखाए जाने वाले विवाद के संबंध में विजीलेंस जांच करने के आदेश दिए
हरियाणा के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिल विज ने यमुनानगर में नगर निगम के क्षेत्र के गांव भटौली में खसरा नम्बर में जमीन के अंदर गली व रास्तों को दिखाए जाने वाले विवाद के संबंध में विजीलेंस जांच करने के आदेश दिए हैं।
    यह आदेश आज उन्होंने यमुनानगर में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में आई शिकायतों को सुनते हुए दिए। शिकायत में मिलाप सिंह निवासी जगाधरी ने नगर निगम के क्षेत्र के गांव भटौली में खसरा नम्बर 33//23 के बारे में शिकायत की थी कि इस खसरा के स्वयं व उनकी पत्नी मालिक है। यह खसरा नम्बर वर्ष 1939 से आत्मा राम के नाम चला आ रहा है और उन्होंने इसके उतराधिकारियों से इस जमीन को खरीदा है। इस खसरा नम्बर में कोई गली/रास्ता नहीं है, जबकि अब इस खसरा नम्बर में गली व रास्ता बताया/दिखाया जा रहा है। इसी मामले के निपटारे की एवज में नगर निगम अधिकारी ने उनसे रिश्वत की मांग की थी। जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्यों ने सामुहिक रूप से मंत्री से मांग की कि यह शिकायत काफी गंभीर है इसलिए इस परिवाद की जांच स्टेट विजीलैंस ब्यूरों से करवाई जाए उनकी इस मांग पर अनिल विज ने इस शिकायत को स्टेट विजीलैंस ब्यूरों से करवाने के लिए कहा।
बैठक में गांव भागुमाजरा निवासी रघबीर सिंह ने शिकायत दी कि गांव के सरपंच द्वारा विकास कार्यों को पूर्ण करवाने में धांधली की है और फर्जी बिल प्रस्तुत किए है, जांच रिपोर्ट में कोई धांधली सामने नहीं आई जिस पर मंत्री ने इस परिवाद को गंभीरता से लेते हुए झूठी शिकायत करने पर उस के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए गए। गांव माली माजरा निवासी रोशन लाल ने शिकायत की गांव के सरपंच ने गली में नाजायज कब्जा किया हुआ है उसे तुरन्त हटाया जाए जिस पर मंत्री ने संबंधित बीडीपीओ व नायब तहसीलदार को आदेश दिए की वे मौका पर जाकर गली की पैमाइश करें और  नाजायज कब्जा हटवाकर रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत करें। फरीदाबाद निवासी अरविन्द सैनी ने रादौर निवासी सैनी हॉस्पिटल के खिलाफ शिकायत की जिसमें उन्होंने कहा कि संबंधित अस्पताल के डॉक्टर के पास आयुर्वेद की प्रैक्टिस करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने जिला आयुर्वेदिक अधिकारी को निर्देश दिए कि इस संबंध में आयुर्वेद मुख्यालय से विस्तृत रिपोर्ट मंगवाकर प्रस्तुत करें।
उन्होंने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो भी निर्णय बैठक में उनके द्वारा दिए जाते हैं उन निर्णयों को प्राथमिकता के आधार पर अमल में लाए और यदि कोई अधिकारी इस दिशा में देरी एवं लापरवाही बरतेगा तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि बैठक में दिए गए निर्णयों का स्वयं भी रिकार्ड रखते है और उन शिकायतों का निरीक्षण भी करते है। इसलिए अधिकारी सुनिश्चित करें कि लिए गए निर्णय शीघ्र लागू करके शिकायतकर्ता को न्याय दिलवाने में अहम भूमिका निभांए। इस बैठक में उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई शिकायतकर्ता गलत शिकायत करता है और जांच करने पर उसकी शिकायत झूठी पायी जाती है तो उसके खिलाफ भी उचित कार्यवाही की जाएगी।
जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में पहले से ही निर्धारित एजेंडे के अनुसार कुल 13 शिकायतें मंत्री के समक्ष रखी गई जिनमें से 7 परिवादों का मौके पर ही अधिकारियों के माध्यम से निपटान किया गया और शेष 6 शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आगामी बैठक से पूर्व उन पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। समिति की बैठक के उपरांत हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लोगों की समस्याएं/ शिकायतें भी सुनी।
इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव एवं रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा, यमुनानगर के विधायक घनश्याम दास अरोड़ा, नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिटटू सहित जिला लोक सम्पर्क एवं कष्ट निवारण समिति के गैर सरकारी सदस्य व सभी विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। 
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