25/07/2017  राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद की आकस्मिक बैठक
राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद की आकस्मिक बैठक प्रो. पी. वी. कृष्ण भट्ट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिसमें प्रसिद्ध समाज विज्ञानी एवं राष्ट्रवादी चिन्तक प्रो. राकेश सिन्हा के विरूद्ध पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा पंजीकृत झूठी एफआईआर की भत्र्सना की गई। सारे सदस्यों ने एक मत से इस कृत्य को प्रजातांत्रिक मूल्यों की हत्या एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के दमन का शासकीय दुरुपयोग निरुपित किया। प्रो. राकेश सिन्हा प्रसिद्ध राजनीति शास्त्री होने के साथ-साथ अपनी स्पष्ट वक्तृता, सकारात्मक सोच, पैनी एवं तीखे प्रतिकार, राष्ट्रहित के लिए निर्भीक टिप्पणियों के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके विचार तर्कसंगत सारगर्भित एवं पुष्ट प्रमाणों पर आधारित होते हैं। यदि उनके विचारों से कोई असहमति होती है तो उसका उपचार प्रत्यक्ष संवाद, पत्राचार अथवा वार्तालाप हो सकता है, विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कराना इसका कोई उपचार नहीं है।राष्ट्रीय समाज विज्ञान परिषद राष्ट्रवादी समाज विज्ञानियों का संगठन है जो समय-समय पर राष्ट्रहित के समाज विज्ञान से संबंधित विषयों पर गम्भीर विचार-विमर्श करता है। यह परिषद प्रो. राकेश सिन्हा के विरुद्ध पश्चिम बंगाल पुलिस की इस कार्रवाई से क्षुब्ध है तथा भारतवर्ष के समस्त बुद्धिजीवियों की ओर से महामहिम राष्ट्रपति जी से इस विषय में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करता है जिससे भारतवर्ष में बुद्धिजीवियों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की समृद्ध परम्परा को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके जिससे भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत बन सके।परिषद पश्चिम बंगाल पुलिस से आग्रह करता है कि तत्काल न केवल एफआईआर को वापस ले अपितु प्रो. राकेश सिन्हा से निःशर्त क्षमा-याचना भी करें।
Copyright @ 2017.