27/07/2017  
जिला प्रशासन मुख्यमंत्री को लोगों की समस्याएं सुनने से कर रहा वंचित
 
 

स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को गुमराह करते हुए जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठकें नियमानुसार प्रतिमाह आयोजित नहीं की है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर 12 दिसंबर 2015 को गुरूग्राम समिति के अध्यक्ष बने थे। नियमानुसार जिला प्रशासन को आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए बैठक का आयोजन प्रतिमाह करना था, परन्तु अब तक 20 में से मात्र 5 ही बैठक आयोजित की गई हैं। मानव आवाज संस्था के संयोजक अभय जैन ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि आयोजित की गई पांच कष्ट निवारण समिति की बैठकों में जो भी शिकायतें रखी गई थी वे या तो बहुत सामान्य थी या जिनका हल पहले ही कर दिया गया था। उन्होनें दुख प्रकट किया कि शहर की महत्वपूर्ण व गंभीर समस्याओं पर कभी चर्चा नहीं की गई है। संस्था के प्रवक्ता बनवारी लाल सैनी ने बताया कि स्थानीय अधिकारी मुख्यमंत्री को लोगों की समस्याएं सुनने से वंचित रख रहे हैं। माननीय मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर अनेक अवसरों पर प्रतिमाह चार से पांच बारी गुरूग्राम का दौरा करते हैं, परन्तु इसके बावजूद अधिकारी समिति की बैठक नही करते हैं। संस्था का मानना है कि अगर नियमानुसार कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की जाती हैं तो गुरूग्राम वासियों केे लिए निश्चित तौर पर लाभबद्ध सिद्ध हो सकती हैं। संस्था ने स्थानीय अधिकारियों से अपील की है कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठकें प्रतिमाह नियमित रूप से आयोजित कर आम जनता को अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के सामने रखने के लिए मौका प्रदान करें ताकि गुरूग्राम जैसे आधुनिक शहर को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता का लाभ प्राप्त हो सके।

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