28/07/2017  गृह मंत्रालय ने सशस्त्र सीमा बल की बम डिटेक्शन और डिस्पोजल टीम को मंजूरी दी
नई दिल्ली 27 जुलाई 2017 सशस्त्र सीमा बल की परिचालन क्षमता को बढ़ावा देने के
लिए, गृह मंत्रालय ने श्रीनगर (जम्मू और कश्मीर), गया (बिहार) और भिलाई (छत्तीसगढ़)
में 03 बीडीडीएस (बम डिटेक्शन और डिस्पोजल टीम) को मंजूरी दी है। प्रत्येक टीम में
उपनिरीक्षक रैंक के अधिकारी के नेतृत्व 08 कर्मचारी होंगे। वर्तमान में एसएसबी में केवल
3 बीडीडीएस टीम बोंगाईगांव, रंगिया (असम) और मुजफ्फरपुर (बिहार) में स्थित हैं।
नक्सली क्षेत्रों, उत्तर पूर्वी राज्यों और जम्मू और कश्मीर में तैनात बलों के लिये आईईडी
(इम्प्रोवाइज्ड विस्फोटक डिवाइस) का खतरा बलों के सामने एक मुख्य चुनौती हैI ये
बीडीडीएस दल इस खतरे को प्रभावी ढंग से कम करने और प्रतिरोध करने में मदद करेंगे
और बल की संचालन क्षमता को बढ़ाएंगे। एसएएसबी के स्वयं के जिम्मेबारी के क्षेत्र के अलावा बीडीडीएस टीमों ने विभिन्न राज्य पुलिस बलों के लिए भी सहायता प्रदान की हैI एसएसबी बीडीडीएस टीमों का इस्तेमाल दक्षिण एशियाई खेलों के दौरान गुवाहाटी और शिलांग, 2016 में ब्रिक्स और बिम्सटेक सम्मेलन गोवा, सामान्य और विधानसभा चुनाव कर्तव्यों, हरिद्वार में अर्ध कुंभ और कंवर मेला पूर्व सुरक्षा जांच के लिए किया गया है। छत्तीसगढ़ में नक्सली द्वारा लगाए गए दो आइईडी को एसएसबी बीडीडीएस टीमों ने निष्क्रिय किया, जो बलकर्मी को निशाना बनाकर लगाये गए थेI हाल ही में, हरिद्वार में कांवर मेले के दौरान टीम ने एक आईईडी को समय पर पता लगाकर निष्क्रिय किया जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से बचा लिया गयाI श्रीमती अर्चना रामासुंदरम, महानिदेशक एसएसबी ने नई बीडीडीएस टीमों की मंजूरी पर खुशी व्यक्त की है और कहा है कि बीडीडीएस टीमों का संचालन जल्द शुरू किया जायेगाI उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये बीडीडीएस टीमें आईईडी के गंभीर खतरे से निपटने में बहुत मददगार साबित होंगीI
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