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01/08/2017  
सशस्त सीमा बल ने 18 राहत और बचाव दल का गठन किया
 
 

नई दिल्ली(29 जुलाई 2017):- सशस्त्र सीमा बल की राहत एवं बचाव टीमों द्वारा रणनीति और कौशल के प्रभावशाली जीवंत प्रदर्शनों के बीच माननीय गृह राज्य मंत्री श्री किरन रिजिजू जी ने दिघालपुखरी असम मे एसएसबी की राहत एवं बचाव टीमों (RRTs) की स्थापना का उद्घाटन किया। एसएसबी के अतिरिक्त महानिदेशक श्री एस एस देसवाल ने इस अवसर पर उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों का अभिवादन किया और उन्होंने कहा की
स्थानीय जनता विपरीत परिस्थियों के दौरान एसएसबी को हमेशा अपने साथ पाया है और इस बजह से एसएसबी को लोगों के बल के रूप में जाना जाता हैI इसके बाद महानिदेशक एसएसबी श्रीमती अर्चना रामासुंदरम ने अपने संबोधन में कहा की पिछले 53 वर्षों से एसएसबी राष्ट्र की सुरक्षा में समर्पित है | भारत सरकार द्वारा नेपाल के साथ 1751 किलोमीटर और भूटान के साथ 699 किलोमीटर की अंतर्राष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गयी है। इसके अलावा, एसएसबी को आंतरिक सुरक्षा कर्तव्यों के लिए जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार में नक्सल विरोधी अभियान के लिए तैनात किया गया है। प्रतिकूल परिस्थितियों बाढ़, भूस्खलन, भूकंप, चक्रवात, महामारी और दुर्घटनाओं के शिकार लोगों की मदद में मानवता के लिए लगातार काम करके एसएसबी ने एक मानवतावादी चेहरे वाले बल के रुप मे खुद को साबित किया है, स्थानीय लोगों ने हमेशा कठिन समय के दौरान एसएसबी को अपने साथ पाया हैI माननीय केंद्रीय गृह मंत्री की समीक्षा बैठक में एसएसबी द्वारा आपदा राहत में उत्कृष्ट सेवाओं और प्रत्येक क्षेत्रक मुख्यालय में आरआरटी दल की गठन की हमारी योजना की सराहना की गईI उन्होंने बताया कि हमारे पास केवल तीन आरआरटी थी और इसलिए प्रत्येक क्षेत्रक मुख्यालय में एक आरआरटी को बढ़ाने के लिए एनडीएमए (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) के साथ एक बैठक की गयी। नतीजतन, एसएसबी अंततः प्रत्येक क्षेत्रक मुख्यालय में 18 आरआरटी स्थापित करने का निर्णय लिया। हर बचाव एवं राहत टीम में 05 महिलाओं सहित 35 प्रशिक्षित कर्मियों शामिल होंगे, जो जिम्मेदारी के क्षेत्रों में किसी भी आपदा से निपटने के लिए आधुनिक उपकरण से लैस होंगे और पहले उत्तरदाता के रूप में पूरी क्षमता के प्रभावित आबादी को सहायता प्रदान करेंगें। उन्होंने बताया कि 15 क्षेत्रीय मुख्यालयों के 15 आरआरटी के उद्घाटन साथ-साथ सभी स्थानों पर हो रहा है और इसमें गुवाहाटी के 03 क्षेत्रक मुख्यालय भी शामिल हैI महानिदेशक, एसएसबी ने आगे बताया कि आपदा प्रबंधन 2009 की राष्ट्रीय नीति के अनुसार, एसएसबी भी असम के सलोनिबरी, असम में एक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण स्कूल स्थापित करने जा रही है। इसका प्रस्ताव पहले ही गृह मंत्रालय को भेजा जा चूका है और उन्होंने प्रस्ताव को जल्द मंजूरी देने के लिए माननीय राज्य मंत्री से अनुरोध किया । माननीय गृह राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री किरन रिजिजू, ने अपने संबोधन में एसएसबी को अपने कर्तव्यों को समर्पित भाव से पूरा करने के लिए सराहना की और उन्होनें कहा की एसएसबी न केवल नक्सल प्रभावित इलाकों और आंतरिक सुरक्षा में, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के मामले में आम जनता को राहत देने और पहले उत्तरदाता के रूप में काम कर रही हैI उन्होनें डीजी, एसएसबी को 18 आरआरटी स्थापित करने के लिए गृह मंत्रालय को एनडीएमए अधिकारियों से परामर्श के बाद प्रस्ताव भेजने के लिए बधाई दीI ये आरआरटी अधिक नियोजित और कुशल तरीके से बचाव और राहत कार्य को पूरा करने में सक्षम होंगे। एसएसबी के प्रत्येक क्षेत्रक मुख्यालय में 18 आरआरटी अच्छी तरह से सुसज्जित और प्रशिक्षित किए गए हैं। उन्होंने इस आयोजन को सफलतापूर्ण आयोजित करने के लिए सभी एसएसबी कर्मियों के प्रयासों की सराहना की और भविष्य में उन्हें अपने प्रयासों सफलता की कामना की। मुख्य अतिथि ने आगे कहा कि यह जानकर प्रसन्नता हुई कि ये आरआरटी सभी अन्य हितधारकों और साथ काम करने वाले करने वाले संगठनों, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को सभी आपदाओं में हर संभव मदद और सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे और एक साथ मिलकर काम करेंगे। एसएसबी द्वारा आरआरटी की स्थापना की सराहना करते हुए, उन्होंने जोर दिया कि अन्य सभी सीएपीएफ को अपने संबंधित बलों में एसएसबी के आरआरटी के मॉडल को अपनाना चाहिए क्योंकि यह बचाव और राहत के प्रयासों को रेखांकित करेगा और इसे प्रभावशाली बनाएगा।
उन्होंने एसएसबी को आश्वासन दिया कि गृह मंत्रालय जल्द ही सलोनिबरी, असम में आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण स्कूल स्थापित करने की मंजूरी दे देगा और आरआरटी के लिए आधुनिक उपकरणों की खरीद के लिए सभी आवश्यक मौद्रिक सहायता प्रदान करेगा। इसके बाद सभा को श्री रणजीत दत्ता, माननीय कृषि, हथकरघा, वस्त्र एवं रेशम उत्पादन मंत्री, सरकार असम द्वारा संबोधित किया गया और अपने भाषण में उन्होंने एसएसबी की पूर्ववर्ती भूमिका को याद दिलाया और आम जनता के प्रति एसएसबी की दृष्टिकोण की
सराहना की। श्री मुकेश सहाय, महानिदेशक असम पुलिस ने भी सभा को संबोधित किया और एसएसबी को विशेष रूप से गुवाहाटी में आरआरटी स्थापित करने के लिए बधाई दी।
उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि असम में आरआरटी बहुत मददगार रहेगा क्योंकि राज्य
में बाढ़ का प्रकोप आतंक से ज्यादा कहर पैदा कर रही हैं।सभा को संबोधित करते हुए, मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ वी.के. नाईक, वरिष्ठ सलाहकार, एनडीएमए ने कहा कि उन्हें एसएसबी के आरआरटी के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर गर्व महसूस हुआ। धन्यवाद ज्ञापन श्री भानु उपाध्याय, महानिरीक्षक गुवाहाटी फ्रंटियर (असम) द्वारा दिया गयाI अरुणाचल प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री ने बोमडिला (अरुणाचल प्रदेश) में आरआरटी का उद्घाटन किया। श्री पंकज चौधरी, माननीय संसद सदस्य ने गोरखपुर में आरआरटी का उद्घाटन किया, जहां राहत एवं बचाव दल ने निर्वासन अभ्यासों, चिकित्सा सहायता और स्वान दस्ते की कौशल का प्रदर्शन किया किया। श्री श्याम लाल चौधरी, माननीय मंत्री पीएचई,सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण, क्षेत्रक मुख्यालय जम्मू में, आरआरटी का उद्घाटन किया जहा आरआरटी ने खोज और बचाव (सीएसएसआर), रस्सी बचाव, अग्नि बचाव कार्यों की रणनीति का प्रदर्शन किया। क्षेत्रक मुख्यालय भिल्लई में, मुख्य अतिथि श्री भोजराज नाग, विधायक अंतागढ़ निर्वाचन क्षेत्र थे, जहां आरआरटी ने वाहन दुर्घटना के शिकार और आरआरटी की भूमिका निभाने के लिए ड्रिल का प्रदर्शन किया श्री रघुनाथ सिंह चौहान, विधायक अल्मोड़ा क्षेत्रक मुख्यालय में मुख्य अतिथि थे, जहां आरआरटी ने भवन बचाव और निकासी का प्रदर्शन किया था। क्षेत्रक मुख्यालय पीलीभीत श्री बाबूराम पासवान, माननीय विधायक पूरनपुर मुख्य अतिथि थे, जहां आरआरटी ने बाढ़ बचाव और राहत तकनीक का प्रदर्शन किया। इसी प्रकार, क्षेत्रक मुख्यालय लखीमपुर खेरी में श्रीमती माधुरी वर्मा, माननीय विधायक मुख्य अतिथि थे और आरआरटी ने बाढ़ बचाव तकनीक का प्रदर्शन किया। डिवीजनल आयुक्त, जिला मजिस्ट्रेट्स, प्रमुख स्थानीय अधिकारियों ने अन्य स्थानों पर प्रमुख अतिथि थे, जहां बाढ़ बचाव, चिकित्सा सहायता, पर्वतारोही कौशल, अग्निशमन प्रदर्शन, सड़क दुर्घटना बचाव विधियों का प्रदर्शन किया गयाI ये प्रदर्शन इसलिये किए गए ताकि स्थानीय अधिकारियों को इन आरआरटी की क्षमताओं के बारे में पता चले और संकट के समय वे उनका जरुरत के अनुसार उपयोग कर सकें। फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से गुवाहाटी में आयोजित समारोह को सभी एसएसबी स्थानों पर देखा गया।

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