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01/08/2017  
वन एवं मत्स्य मंत्री श्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने स्चिवालय स्थित अपने कार्यलय में वन निगम के उच्च अधिकारियों के साथ विकासात्मक कार्यों की समीक्षा बैठक की
 
 

वन मंत्री ने कहा कि प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्र का 66.55 प्रतिशत भू-भाग वनों के अन्तर्गत आता है। हिमाचल सरकार की योजना में वनों के संरक्षण के साथ-साथ वनांे का विस्तार भी शामिल है। इसलिए प्रदेश में प्रतिवर्ष राज्य स्तरीय वन महोत्सव के साथ- साथ वन विभाग के प्रत्येक वन वृत/ मण्डल में पौधरोपण कार्यक्रमों आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिए कि प्रत्येक वन वृत/ मण्डल स्तर पौधरोपण कार्यक्रमों में तेजी लाई जाए व उनकी जीवित प्रतिशतता को बढ़ाने के प्रयास किए जाएं ताकि सरकार की वन विस्तार योजना को सफलता मिल सके। पौधरोपण में विभिन्न प्रजातियों जिसमें चैड़ी पत्ती, जंगली फलदार पौधे व औषधीए पौधों को रोपित किया जाए जिससे लोगों की जरूरतांे को पूरा करने के साथ जंगली जानवरों को भी जंगलों में पर्याप्त भोजन मिल सके।
उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि भौगोलिक संरचना, सांस्कृतिक विविधता, वनों की जैव विविधता व स्वच्छ वातावरण के कारण हिमाचल प्रदेश पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र है। पर्यटन को पर्यावरण से जोड़कर वन विभाग हिमाचल प्रदेश ने ईको-टूरिज़म नीति बनाई है ताकि लोगों को प्रकृति से जोड़ा जा सके और टूरिज़म के नकारात्मक प्रभाव को कम करके लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सके। इसके लिए वन विभाग ने लगभग 106 ईको-टूरिज़म साईटों का चयन किया है जिनमें से 50 साईटें राज्य वन विकास निगम को दी गई हैं। उन्होंने वन विभाग व राज्य वन निगम हिमाचल प्रदेश के अधिकारियों को आदेश दिए कि इन साईटों को चलाने की प्रक्रिया शीघ््रा आरम्भ की जाए ताकि स्थानीय लोगों व बेरोज़गार युवकों को अपने घर-द्वार रोज़गार के साधन उपलब्ध हों।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष राज्य वन विकास निगम हिमाचल प्रदेश श्री केवल सिंह पठानिया, प्रधान मुख्य अरण्यपाल ;हाॅफद्ध हिमाचल प्रदेश श्री जी0एस0 गोराया, राज्य वन विकास निगम हिमाचल प्रदेश के प्रबन्धन निदेशक श्री सी0बी पाण्डे व अन्य वन अधिकारी उपस्थित थे।

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