14/09/2017   अन्तरसामूहिक संवाद उपागमयुक्त 12 दिवसीय कोर्स की विधिवत शुरुआत

श्रीमती अर्चना रामासुंदरम, आईपीएस महानिदेशक सशस्त्र सीमा बल  की पहचान किसी केंद्रीय पुलिस बल की पहली महिला चीफ होने से कही अधिक उनकी दूरदर्शी सोच और ज़मीनी ज़रूरत की समझ से सम्पन्न कमांडर के तौर पर रची बनी है। इसी सिलसिले में गोरखपुर ट्रेनिंग सेंटर का उनका हालिया दौरा एक अहम मुकाम साबित हुआ, जब उन्होंने अपने खास तौर से रचे गए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम को अमली जामा पहनाया।

"दंगा नियंत्रण ड्रिल अन्तरसामूहिक संवाद उपागमयुक्त 12 दिवसीय कोर्स" अपने विषय दंगा नियत्रंण पर एक नए नज़रिये और कलेवर का परिणाम है।

नज़रिया यह कि सीमा रक्षा की तात्कालिक ज़रूरत  के साथ-साथ देश के अंदरूनी हिस्सों में आये दिन उपस्थित कानून व्यवस्था की चुनौतियों के मुकाबले सशस्त्र सीमा बल  की तैयारी दुरुस्त हो।   न सिर्फ साज़ों सामान से हम लैस हो और कानूनी प्रावधानों की जानकारी रखें बल्कि उससे कही ज़्यादा ऐसे हालात के तमाम सबक, अनुभवों, हक़ीक़तों के बारे में हमारी सोच समझ व्यावहारिक हो। कानूनी  जानकारी और ज़मीनी हक़ीक़त दोनों ही से लैस सशस्त्र सीमा बल भविष्य में दंगा नियंत्रण और भीड़ के साथ निपटने में दक्ष फ़ोर्स बने इस उद्देश्य के साथ लांच किए गए इस कोर्स का बुनियादी जोर ज़मीनी हक़ीक़त की समझ विकसित करना और भीड़ के साथ टैक्टिकॉली डील करने की क्षमता विकसित करना है, ताकि न्यूनतम बल प्रयोग के साथ मसले को सुलझाया जा सके।

जाहिर तौर पर कोर्स में कंपनी स्तर तक के उन प्रतिभागी जवान, अधीनस्थ अधिकारियों और कमांडर को चुना गया है, जिन्हें अमूमन ऐसे हालात का सामना करने के लिए अगले मोर्चे पर भेज जाता है। श्रीमती रामासुंदरम ने दिनांक 10/09/17 को ट्रेनिंग सेंटर गोरखपुर में इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत करते समय इस बात पर बल दिया कि यह कोर्स आने वाले दिनों की चुनौतियों के समक्ष सशस्त्र सीमा बल को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगाI 

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