14/12/2017  एससीआयोग के अध्यक्ष कठेरिया बैठे धरने पर
आगरा।अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन रामशंकर कठेरिया गुरुवार को सरकारी अफसरों की उदासीनता से नाराज हो गए। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भी अफसरों के न पहुंचने से गुस्साए कठेरिया प्राथमिक विद्यालय जगदीशपुरा में स्कूली बच्चों के बीच जाकर धरने पर बैठ गए। देरी से पहुंचे अफसरों ने सफाई दी तो वह दूसरे स्कूल में निरीक्षण को पहुंचे। मगर वहां अव्यवस्थाओं का आलम देख एकबार फिर वह धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि आगरा प्रशासन को एक दिन पहले ही निरीक्षण के बारे में बता दिया गया था। इसके बाद भी कोई अधिकारी समय पर नहीं पहुंचा। बाद में कठेरिया ने दोनों स्कूलों में  व्याप्त अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए अपनी सांसद निधि से धनराशि देने के लिए अफसरों को कहा। 
प्रात: करीब 10.30 बजे एससी आयोग के चेयरमैन रामशंकर कठेरिया जगदीशपुरा स्थित प्राथमिक विद्यालय के निरीक्षण को पहुंचे। उनके प्रवक्ता द्वारा आगरा प्रशासन को प्रात: दस बजे उनके निरीक्षण के बारे में एक दिन पूर्व ही अवगत करा दिया गया था। यहां किसी अफसर को मौजूद न देख कठेरिया ने स्कूली बच्चों से परेशानियों को लेकर चर्चा की और अव्यवस्थाओं से क्षुब्ध होकर नाराजगी जताते हुए बच्चों के बीच ही धरने पर बैठ गए। कठेरिया के धरने पर बैठने की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। करीब 11 बजे एडीएम सिटी, बीएसए, एसीएम पहुंचे और सीओ लोहामंडी समेत अफसरों का लाव लश्कर स्कूल में जा पहुंचा। कठेरिया के नाराजगी जताने पर अफसरों ने उन्हें मनाया। यहां स्कूल में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर उन्होंने अफसरों को आढ़े हाथ लिया। जिस जमीन पर स्कूल संचालित हो रहा है, उसके स्वामी ने बताया कि उसे मात्र 100 रुपये मासिक किराया मिलता है। सांसद कठेरिया ने स्कूल में स्वच्छ भारत अभियान के तहत टायलेट बनवाने के निर्देश दिए। यहां से 500 मीटर दूर स्थित दूसरे स्कूल में पहुंचे कठेरिया को जब बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ते मिले तो अव्यवस्था से नाराजगी जताते हुए एक बार फिर वह बच्चों के बीच धरने पर जा बैठे। हकबकाए अफसरों से उन्होंने पूछा तो पता चला कि स्कूल की बिल्डिंग में केमिकल गोदाम संचालित है, जबकि बच्चे पेड़ के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। चेयरमैन ने स्कूल की बिल्डिंग, टायलेट और स्व्च्छ पेयजल के लिए सांसद निधि से धनराशि देने की बात कही। उनके प्रवक्ता शरद चौहान ने बताया कि सांसद निधि से प्राथमिक विद्यालयों के लिए दो-दो लाख रुपए देंगे। 
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