17/03/2018  18 से शुरू होंगे नवरात्र नौ नही आठ दिन के होंगे नवरात्र

मा दुर्गा के विविध स्वरूपों के पूजन का पर्व नवरात्र रविवार से शुरू होगा..लेकिन खास बात ये होगी कि इस बार नवरात्र नौ दिनो के नहीं बल्कि आठ दिनों के होंगे..नवमी की हानि की वजह से नवरात्र चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी 18 मार्च से शुरू होकर 25 मार्च को रामनवमी के साथ समापन होगें..जहा आप सजे दरबार में कलश स्थापना के संग मा के विविध स्वरूपों की विधि विधान से पूजा करें..वहीं, श्रद्धालु व्रत रखकर मा के नौ स्वरूपों की आराधना करेंगे..मां के दरबारों की सजावट के साथ ही चढ़ावे की तमाम सामग्री बाजारों में लग गई है.. पं. सुरेश ने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार प्रतिपदा 17 मार्च को शाम 6:41 से नवसंवत्सर लग जाएगा..18 को सूर्योदय 6:13 बजे होगा..लग्न के अनुसार, सूर्योदय के बाद सुबह 9:13 बजे तक कलश स्थापना करना श्रेष्ठ होगा...पहले और अंतिम दिन व्रत रखने वाले 24 को अष्टमी व्रत रख सकेंगे..24 को सुबह 10:06 बजे से अष्टमी लगेगी और 25 को सुबह 8:03 बजे तक रहेगी.. नवरात्र में पूरा व्रत रखने वाले 25 को सुबह 8:03 बजे के बाद व्रत का पारण कर सकते हैं...मा की पूजा से पहले कलश स्थापना करनी चाहिए..आचार्य सुरेश ने बताया कि कलश स्थापना के लिए मिट्टी या धातु के बने कलश में पानी भर कर, आम के पत्तों कलश के घेरे पर रखें और ऊपर ढक्कन में चावल रखे। कलश के नीचे काली मिट्टी में जौ की बुआई करें और हर दिन उसमें पानी डालते रहें..घट स्थापना के बाद श्रद्धालुओं को 'ऊं दुर्गे दुर्गे रक्षिणि स्वाहा' का जप करना चाहिए..अंतिम दिन नदी व सरोवर में कलश का विसर्जन करना उत्तम होता है...और नव दुर्गाओं का पूजन करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है...

समाचारवार्ता के लिए अनमोल कुमार की रिपोर्ट

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