10/04/2018  “राजा शिवछत्रपति ऐतिहासिक गौरवगाथा” देखने पहुंचे 14 देशों के राजनयिक

दिल्ली के लाल किले पर पिछले पांच दिनों से चल रहेराजा शिवछत्रपति ऐतिहासिक गौरवगाथा महानाट्य के मंगलवार को आयोजित समापन समारोह में 14 देशों के राजनयिकों ने शिरकत की।  

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केन्द्रीय भारी उद्योग तथा सार्वजनिक उद्यमिता मंत्री अनन्त गीते, गृह राज्य मंत्रीहंसराज अहीर, इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिसर्च का चेयरमैन डॉ. विनय सहस्त्रबुद्धे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ अधिकारी दिनेश, अतुल कोठारी, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, सांसद परवेश वर्मा, तारक मेहता का उलटा चश्मा के निर्माता असित कुमार मोदी उपस्थित थे।

कार्यक्रम की शुरूआत मां तुलजा भवानी की आरती और जय भवानी एवं जय शिवाजी के जयघोष से आकाश गुंजायमान हो गया।महानाट्य देखने बंग्लादेश,मंगोलिया, आस्ट्रेलिया, जापान, सूरीनामकजाकिस्तानसहित लगभग 14 देशों के राजनयिक लाल किला पहुंचे।

महानाट्य के संयोजक श्याम जाजू ने समापन कार्यक्रम के अवसर पर दिल्ली की जनता का आभार प्रकट करते हुए बताया कि इस गौरवशाली गाथा के लाल किले पर मंचन को जो स्नेह व प्रेम दिल्ली की जनता से मिला है,वह सदैव स्मरणीय रहेगा. दिल्ली के अनेक निवासियों ने व्यक्तिगत रूप से एवं टेलिफोन के माध्यम से मुझसे आग्रह किया है कि इस महानाट्य का मंचन आप दिल्ली में दोबारा आयोजित करें। उन सब का कहना था कि इस नाटक को देखकर हमारी आनेवाली पीढी को हमारे देश के गौरवशाली इतिहास एवं महापुरषों की शिक्षाप्रद जीवन की घटनाओं को जानने का अवसर मिला है।.

उन्हे कहा कि महिलाओं के सम्मान की रक्षा करना,भष्ट्राचार के विरोध में आवाज बुलंद करना, कमजोर व्यक्तियों पर हो रहे अत्याचार के विरोध में खड़ा होना,15 वर्ष की युवा अवस्था में आदिलशाही को परास्त कर उस पर कब्जा करना, अपने से चौगुनी ताकत वाले शक्तिशाली अफजल खान का कुशाग्र बुद्धि एवं कुशल युद्द नीति द्वारा वध करना आने वाले समय में देश के युवाओं की भूमिका कैसी हो इस ओर इशारा करता है।

उन्होने बताया कि खूबसूरत आकर्षक चार मंजिला मंच,250 कलाकारों का शानदार अभिनय युद्ध के दृश्यों में वास्तविक घोड़ों का प्रयोग, युगकालीन वेशभूषा,शिवाजी के चरित्र को जीवंत करता ध्वनि एवं प्रकाश का सटीक प्रयोग दिल्ली के दर्शकों के दिल एवं दिमाग पर लम्बे समय तक छाया रहेगा।

बता दें कि पांच दिनों तक चलने वाले इस महानाट्य को देखने के लिये लोग राज्यों से भी आये थे। कार्यक्रम के लिए चार मंजिला स्टेज पिछले 15 दिनों से तैयार किया गया था। 250 कलाकारों का शानदार अभिनय,वास्तविक धोड़ो की टाप ने उड़ती हुई धूल के साथ व सटीक ध्वनी के प्रयोग ने शिवाजी काल को पुनः जीवंत किया। महानाट्य में शिवाजी महाराज का शौर्यसुशासन के प्रति प्रतिबद्धताप्रसाशनिक कुशलतायुद्ध कौशल नीतिदूरदर्शितायुद्ध की विशिष्ट नीति एवं शैली का बहुत ही अद्भुत संगम देखने को मिला।

शिवाजी के जीवन चरित्र पर आधारित मराठी नाटक “जाणता राजा” का यह हिंदी रूपान्तर है जिससे 96 वर्षिय शिव शाहीर बाबा साहेब पुरंदरे ने मराठी में लिखा है। भारतअमरीकाइंग्लैंड सहित दुनिया के विभिन्न देशों में इस  महानाट्य का अभी तक 1200 से ज्यादा मंचन हो चुका इस नाटक का उद्देश्य जन जन को शिवाजी से जुडी घटनाओं और हमारे गौरवशाली इतिहास को अवगत करना है। यह महानाट्य हमें राष्ट्र धर्म की सीख देता है और समाज के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराता है।  यह  देश के ऐसे महान हिन्दू सम्राट की कहानी है जिसने राजसत्ता का त्याग कर स्वतंत्रता सेनानी बनकर हिन्दवी स्वराज की आवाज बुलंद की थी।

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