10/05/2018  जस्टिस चेलमेश्वर ने CJI को लिखी चिट्ठी, कोलेजियम जस्टिस जोसेफ का नाम केंद्र में भेजा

उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस केएम जोसेफ को सुप्रीम कोर्ट में लाए जाने को लेकर जस्टिस चेलमेश्वर ने एक और चिट्ठी चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा को लिखी है. केंद्र ने जस्टिस जोसेफ के नाम को मंजूरी नहीं दी थी.

 

चिट्ठी में जस्टिस चेलमेश्वर ने जस्टिस जोसेफ की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति की सिफारिशों पर अमल की राह में आ रहे नियमों के रोड़े का जिक्र करने वाले कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की चिट्ठी के हर पॉइंट का जवाब दिया है.

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद की दलीलों को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस के नाम लिखे पत्र में उन्होंने फिर जोर दिया है कि कोलेजियम अपनी सिफारिश पर कायम रहते हुए दोबारा जस्टिस जोसेफ का नाम केंद्र सरकार को भेजे.

बता दें कि 8 मई को उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश केएम जोसफ को प्रोन्नत करने की अनुशंसा पर फिर से विचार के लिए होने वाली उच्चतम न्यायालय के कोलेजियम की बैठक नहीं हुई.

सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने कहा कि बैठक के बुधवार को होने की संभावना थी, लेकिन यह चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा पर था कि वह इसके लिए क्या तारीख तय करेंगे और फिलहाल इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

2 मई को कोलेजियम ने जस्टिस के. एम. जोसेफ पर फैसला टाला

केंद्र सरकार ने कहा है कि जस्टिस जोसेफ के नाम को खारिज करने के फैसले का पिछले वर्ष उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन रद्द करने के उनके फैसले से कुछ लेना-देना नहीं है. इस फैसले को टालने का निर्णय चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन.बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ के कोलेजियम ने 45 मिनट की बैठक में लिया.

केंद्र ने 26 अप्रैल को जस्टिस जोसेफ को सर्वोच्च न्यायालय का जस्टिस बनाने के कोलेजियम की अनुशंसा को लौटा दिया था. केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने चीफ जस्टिस को लिखे पत्र में कहा था, "के.एम. जोसेफ के मामले पर पुनर्विचार करने के प्रस्ताव को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की मंजूरी है."

 

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