18/05/2018  भाजपा शासित निगम और प्राइवेट मॉल-अस्पताल मालिकों की मिली-भगत से दिल्ली में चल रहा है अवैध पार्किंग वसूली का गोरखधंधा: AAP

शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए आप विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि दिल्ली में भाजपा शासित एमसीडी और प्राइवेट मॉल्स एवं अस्पताल के मालिकों की मिलीभगत से दिल्ली में अवैध पार्किंग वसूली का गोरखधंधा चल रहा है।

आरटीआई कार्यकर्त्ता संजय पुरी द्वारा हाई कोर्ट में लगाई गई एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के द्वारा दिए गए आदेश का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिल्ली के किसी भी प्राइवेट मॉल्स और हॉस्पिटल्स के मालिक जनता से पार्किंग चार्ज नहीं ले सकते क्योंकि उन्हें एफ़एआर में कमर्शियल घोषित नहीं किया गया है। कोर्ट ने ये साफ़ कहा है कि जो जमीन इन मॉल्स और अस्पतालों को दी गई है वो इसी शर्त पर दी गई थी कि वो जनता से पार्किंग चार्ज नहीं ले सकते।

एमसीडी द्वारा 2015-16 में जारी किए गए एक नोटिस का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस नोटिस में एमसीडी ने साफ़ तौर पर कहा है कि अगर कोई भी प्राइवेट मॉल या अस्पताल का मालिक पार्किंग चार्ज लेगा, तो हम उसके खिलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई करेंगे। लेकिन बड़े अफ़सोस की बात है कि ये नोटिस सिर्फ़ एक कागज़ का टुकड़ा बनकर रह गया है। अख़बारों में इस नोटिस की खबरें छपी तो सही लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि प्राइवेट मॉल और अस्पताल में रोज़ाना लाखों गाड़ियाँ आती हैं और पार्किंग शुल्क के रूप में करोडों रूपए इकठ्ठा होते हैं। मॉल्स और हॉस्पिटल्स के मालिकों के साथ-साथ इन रुपयों का एक हिस्सा एमसीडी के भ्रष्ट अधिकारियों और नेताओं की जेब में भी जाता है। इसीलिए हाईकोर्ट के आदेश और एमसीडी के खुद के नोटिस के बावजूद भी ये असंवैधानिक गोरखधंधा खूब फल-फूल रहा है।

हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के आधार पर जब हमने पश्चिमी दिल्ली के निगम कमिश्नर को पश्चिमी दिल्ली में स्थित पैसिफिक मॉल में लिए जा रहे अवैध पार्किंग शुल्क की शिकायत की तो बड़े ही चौकाने वाले नतीजे सामने आए। दो दिन बाद ही एमसीडी की तरफ से हमें एक पत्र मिला, जिसमे लिखा था कि आपकी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पैसिफिक मॉल में पार्किंग शुल्क बंद कर दिया गया है।

हमारी शिकायत के बाद पश्चिमी दिल्ली में स्थित पैसिफिक मॉल से तो पार्किंग शुल्क हटा दिया गया, लेकिन दिल्ली में सैकड़ों ऐसे मॉल्स और हॉस्पिटल्स हैं जहाँ अब भी अवैध पार्किंग शुल्क का ये गोरखधंधा धड़ल्ले से चल रहा है।

प्रेस वार्ता के माध्यम से विधायक जरनैल सिंह ने भाजपा शासित एमसीडी के समक्ष दो मांगे रखीं

1.       दिल्ली में जितने भी प्राइवेट मॉल्स और हॉस्पिटल्स हैं उन सभी में जल्द से जल्द पार्किंग शुल्क हटाए जाए।

2. सालों से इन प्राइवेट मॉल्स और हॉस्पिटल्स के मालिको ने पार्किंग शुल्क के रूप में दिल्ली की जनता की जेब काटकर जो पैसा इकठ्ठा किया है उसकी वसूली इन मॉल्स और हॉस्पिटल्स के मालिको से की जाए।

आरटीआई कार्यकर्ता संजय पुरी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हमने इसे लेकर कोर्ट में जाकर लड़ाई लड़ी और कोर्ट ने पार्किंग शुल्क फ्री करने का आदेश भी पारित कर दिया, फिर एमसीडी कमिश्नर को भी इसके बारे में सूचित किया गया जिसके बाद एमसीडी ने इन सभी मॉल्स और अस्पतालों को पार्किंग फ्री करने के जानकारी दी, बावजूद इसके पार्किंग फ्री नहीं हो रही है, पैसिफिक ने तो पार्किंग फ्री कर दी है लेकिन वसंतकुंज और साकेत के मॉल्स में अभी भी घंटों के हिसाब से पार्किंग चार्ज लिया जा रहा है और ये अवैध वसूली है। ये सब एमसीडी में बैठे बीजेपी के नेताओं, निगम अफसरों और मॉल्स के मालिकों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हो सकता।

हमारी मांग है कि ना केवल साउथ दिल्ली नगर निगम में बल्कि उत्तरी दिल्ली और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में भी कोर्ट का ये आदेश लागू होना चाहिए क्योंकि पूरी दिल्ली में नियम तो एक ही लागू होता है।

 अगर एमसीडी जल्द से जल्द हमारी इन मांगो पर कार्रवाई नहीं करती तो हम नगर निगम पर कोर्ट के फैसले की अवमानना का मुकदमा करेंगे।

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