03/07/2018  मेट्रो स्टेशन का नाम मण्डावली रखने के लिये भारी प्रदर्शन
नई दिल्ली, रविवार 1 जुलाई को मण्डावली क्षेत्र में निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन का नाम विनोद नगर के बजाय मण्डावली रखने की मांग को लेकर भारी संख्या में स्थानीय निवासियों ने प्रदर्शन किया। यहाँ के निवासियों में इस बात को लेकर भारी रोष व्याप्त है कि मण्डावली के खसरा में बन रहे मेट्रो स्टेशन का नाम मण्डावली के बजाय विनोद नगर रखा गया है।
मण्डावली सोशल वैलफेयर एसोसिएशन के आह्वान पर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने मण्डावली गाँव चौपाल के पास एकत्रित होकर वहाँ से डी.एम.आर.सी. और दिल्ली प्रशासन कि खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माणाधीन मेट्रो स्टेशन के पास पहुँचे। इस दौरान लोगों ने डीएमआरसी व दिल्ली सरकार के विरुद्ध रोष प्रकट किया। बाद में वहाँ एक जनसभा की गई। इस प्रदर्शन से आई.पी.एक्सटेंशन का इलाका काफी देर तक जाम रहा।
मण्डावली सोशल वैलफेयर एसोसिएशन के प्रधान अरुण चौधरी व रंजीत सिंह ने बताया कि मण्डावली गांव का इतिहास काफी पुराना है। मौजूदा अक्षरधाम, एन.एच. 24 से लेकर गाजीपुर तक बनी हाउसिंग सोसाइटियाँ मण्डावली गांव की जमीन पर ही बनी हैं। इस गांव का इतिहास काफी पुराना है। मण्डावली की 25 से अधिक आर.डब्ल्यु.ए. ने डी.एम.आर.सी., दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व स्थानीय सांसद महेश गिरी को मेट्रो स्टेशन का नाम मण्डावली रखने को लेकर कई बार पत्राचार किया।
उपस्थित वरिष्ठ लोगों ने बताया कि पहले यहाँ की विधानसभा मण्डावली के नाम से ही थी लेकिन अब उसकी पहचान भी खो चुकी है। लगभग 300 वर्ष पुराने मण्डावली गांव की पहचान को बनाए रखने के लिये मेट्रो स्टेशन का नाम मण्डावली ही होना चाहिये। उपस्थित लोगों ने अपना रोष जाहिर करते हुए कहा कि यदि अब भी मेट्रो प्रशासन ने हमारी बात न मानी तो यह प्रदर्शन जारी रहेगा तथा और भी उग्र आंदोलन किया जायेगा।
इस अवसर पर अनेक आर.डब्ल्यु.ए. पदाधिकारियों के साथ प्रताप नागर, दयाराम शर्मा, सतपाल शर्मा, अनिल कुमार, संजन डेढ़ा, महाराज सिंह, पवन नागर, गौरव शर्मा आदि के साथ हजारों की संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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