19/07/2018  ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में गिरी इमारत, शवों को निकालने का कार्य जारी

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्थित शाह बेरी इलाके में मंगलवार की रात दो इमारत के जमींदोज हो जाने की घटना के बाद शुरू में मलबे में दबे लोगों की चीखं सुनाई दे रही थीं, अब तक 9 शवों को बाहर निकाल लिया गया है।

दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित शाह बेरी इलाके में मंगलवार की रात दो इमारत के जमींदोज हो जाने की घटना मैनपुरी के अभई गांव स्थित एक त्रिवेदी परिवार पर आफत की तरह आन पड़ी है, जिसकी शायद ही उन्होंने कभी कल्पना भी की थी। इस घटना के बाद से सुरेंद्र त्रिवेदी की पत्नी, बड़ी बहू, एक साल की पोती पंखुड़ी और छोटे बेटे शिवम का कुछ पता नहीं चल पाया है। सुरेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि उनका छोटा बेटा शिवम काफी होनहार था और हाल ही में उसने इस बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर एक फ्लैट खरीदा था। बीते शनिवार को गृह प्रवेश में उनकी पूरी फैमिली शरीक हुई थी। सबके चेहरे पर एनसीआर में अपना घर होने की खुशी थी, क्योंकि शिवम एमबीए करने के बाद नोएडा की ही एक कंपनी में जॉब करते थे लेकिन यह खुशी बस कुछ पलों की मेहमान थी और उसने त्रिवेदी परिवार को दर्द के समन्दर में डुबो दिया। 

शिवम पिछले ढाई साल से न्यू अशोक में रहते थे और बड़े भाई राम त्रिवेदी लॉ करने के बाद मैनपुरी में ही प्रैक्टिस करते हैं। गृह प्रवेश के मौके पर राम की पत्नी, उनकी बेटी पंखुड़ी समेत पूरी फैमिली नोएडा आई थी। गृह प्रवेश के बाद सभी लोग मैनपुरी लौट गए, लेकिन शिवम अपनी भाभी, भतीजी और मां के साथ नए घर में रूक गए और पूरा सामान भी उन्होंने यहां शिफ्ट कर लिया। तीन दिन बाद मंगलवार की रात ऐसा हादसा हुआ, जिसमें उनकी खुशियों के साथ ही वजूद भी जमींदोज हो गया। दिल्ली में रहने वाले शिवम के फूफा अवनिंद्र तिवारी के मुताबिक, मंगलवार रात से ही शिवम और बाकी लोगों का फोन नहीं लग रहा था। जब उनके परिजनों ने बुधवार सुबह टीवी में खबर देखी तो उनको घटना का अंदाजा हुआ और वे बदहवास दिल्ली की तरफ भागे।

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