25/08/2018  भद्रा मुक्त रहेगा रक्षाबंधन पर्व - दद्दा
रक्षाबंधन के मौके पर अक्सर भद्राकाल में राखी नहीं बांधी जाती है लेकिन इस साल भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी।
     भाई बहन के अटूट प्रेम का पर्व रक्षाबंधन का त्योहार श्रावणी पूर्णिमा 26 अगस्त को मनाया जाएगा, इस दिन पूर्णिमा तिथि शाम 5.26 तक होने से यह त्योहार पूरे दिन मनाया जाएगा। 
     शास्त्रानुसार भद्रा में रक्षाबंधन टाली जाती है, जो इस बार पूरे दिन नहीं है। चार साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है कि रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं रहेगा।

🌸 *रक्षाबंधन का समय* 🌸
सुबह 7.43 से 9.18 तक चर, सुबह 9.18 से 10.53 तक लाभ, सुबह 10.53 से 12.28 तक अमृत, दोपहर 2.03 से 3.38 तक शुभ, शाम 6.48 से 8.13 तक मुहूर्त रहेगा।
     ज्योतिष पंचांगों के मुताबिक पूर्णिमा तिथि 25 अगस्त को दोपहर 3.25 बजे से प्रारंभ हो जाएगी, जो 26 अगस्त को शाम 5.30 तक रहेगी, इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र दोपहर 12.35 बजे तक रहेगा, रक्षाबंधन का मुहूर्त 26 अगस्त को सुबह 7.43 से दोपहर 12.28 बजे तक रहेगा, इसके बाद दोपहर 2 से 4 तक रहेगा, सूर्योदय व्यापिनी तिथि मानने के कारण रात में भी राखी बांधी जा सकेगी।
 
🌺 *ग्रहण मुक्त है राखी* 🌺
पिछले साल राखी का त्यौहार भद्रा और ग्रहण होने के कारण बहुत ज्यादा सौभाग्यशाली नहीं माना गया था लेकिन इस बार राखी ग्रहण से मुक्त है क्योंकि इस वर्ष का दूसरा और अंतिम चंद्रग्रहण 28 जुलाई को लगा था, श्रावण पूर्णिमा इस बार ग्रहण से मुक्त रहेगी जिससे यह और भी सौभाग्यशाली रहेगी।

🌹 *पंचक नहीं बनेगा बाधक* 🌹
रक्षाबंधन के दिन घनिष्ठा नक्षत्र होने के कारण पंचक रहेगा, लेकिन राखी बांधने में यह बाधक नहीं बनेगा। 
     घनिष्ठा से रेवती तक पांच नक्षत्रों को पंचक कहा जाता है, यह पांच दिनों तक चलता है, पंचक को लेकर भ्रांति यह है कि इसमें कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए, पंचक में अशुभ कार्य नहीं करना चाहिए, क्योंकि उनकी पांच बार पुनरावृत्ति होती है, पंचक में शुभ कार्य करने में कोई दिक्कत नहीं है, पर्व के *सिंह के सूर्य* में आने से इसकी महत्वता और बढ़ गई है।

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✋🌷  नरेन्द्र पंडित "दद्दा" 🌷✋
      पाषाड़ काल वाले "पंडित" जी
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