18/10/2018  दिल्ली-NCR की हवा में फिर घुला जहर

दिल्ली की हवा में गुरुवार को और जहर घुल गया। परेशान करने वाली बात यह है कि बुधवार को इसने इस सीजन के सबसे खराब स्तर को भी छू लिया।

बता दें कि मंगलवार रात से ही दिल्ली का एयर इंडेक्स 300 से ऊपर चल रहा है। एनसीआर के अधिकतर जिलों में भी पिछले दो दिनों से इसी स्तर की हवा में लोग सांस ले रहे हैं। ऐसे में अब ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) के अगले चरण के प्रावधान लागू करने की तैयारी हो रही है। ग्रेप के तहत डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है, इसलिए होटलों आदि में लकड़ी और कोयले के प्रयोग पर रोक लग सकती है। साथ ही सार्वजनिक वाहन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए डीटीसी और मेट्रो को अपने फेरे बढ़ाने होंगे। गौरतलब है कि इस बार पार्किंग फीस बढ़ाने को लेकर फैसला नहीं लिया जा सका है। पिछले साल पार्किंग फीस बढ़ाने का खास असर नहीं हुआ था, जिसके बाद ईपीसीए ने नाराजगी जताते हुए इस कदम को वापस ले लिया था। पार्किंग दरें बढ़ीं तो लोगों ने गाड़ियां पार्किंग के बाहर लगानी शुरू कर दी थी। संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों ने भी यह व्यवस्था बनाए रखने में दिलचस्पी नहीं ली। इससे जाम बढ़ा और प्रदूषण का स्तर भी नहीं घटा। हद तो तब हो गई थी कि डीएमआरसी समेत कुछ अन्य जगहों पर साइकिल के लिए भी चार गुना तक फीस ली जाने लगी। इसका भी लोगों ने विरोध किया। हवा में प्रदूषण का स्तर गंभीर होने पर होटलों आदि में लकड़ी और कोयले के प्रयोग पर प्रतिबंध लगता है, लेकिन दिल्ली में पहले से ही इस पर प्रतिबंध है। ऐसे में इस बार यह नियम एनसीआर में लागू होगा।

पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण एवं संरक्षण प्राधिकरण (ईपीसीए) के एक सदस्य के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत एनसीआर के सभी सदस्य राज्यों के मुख्य सचिवों को इन तैयारियों के बारे में बता दिया गया है। सफर और मौसम विभाग के पूर्वानुमान अगले तीन दिनों तक प्रदूषण की स्थिति में इजाफा होने का दावा कर रहे हैं।

समाचार वार्ता के लिए साहिल भांबरी की रिपोर्ट
 

 

Copyright @ 2017.