अन्तरराष्ट्रीय (01/03/2019) 
तबादलों के मामले में केजरीवाल सरकार का भ्रष्टाचार उजागर - विजेन्द्र गुप्ता
नई दिल्ली, 01 मार्च। आज प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुये दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने केजरीवाल सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है कि दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार अभी तक की सबसे भ्रष्ट सरकार है। उन्होंने कहा है कि 14 फरवरी 2015 तथा 04 अगस्त 2016 के मध्य सेवा विभाग दिल्ली की चुनी हुई आम आदमी सरकार के नीचे ही काम कर रहा था। इस अवधि के दौरान केजरीवाल सरकार द्वारा भारी मात्रा में ट्रेड एण्ड टैक्सज विभाग में चहेते भ्रष्ट अधिकारियों को तैनात किया गया। ट्रेड एण्ड टैक्सज विभाग में जिसे भ्रष्टाचार के मामले में अति संवेदनशील कहा जाता है अठारह चहेते उच्च अधिकारी मुख्यमंत्री केजरीवाल की स्वीकृति से तैनात किए गए। इनमें से 9 अधिकारी उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा 9 अधिकारी तत्कालीन सचिव, सेवाएं राजेन्द्र कुमार द्वारा मुख्यमंत्री के कहने पर तैनात किए गए। पत्रकार वार्ता में दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रभारी प्रत्युष कंठ, प्रमुख अशोक गोयल देवराह उपस्थित थे। 

गुप्ता ने कहा कि जब केजरीवाल सरकार को लगा कि पानी अब सिर के ऊपर से गुजर रहा है तथा इन चहेते अधिकारियों से मतभेद इतने बढ़ गए हैं तो केजरीवाल ने सरकार ने स्वयं मान लिया है कि ये अधिकारी जो ट्रेड एवं टैक्सज जैसे अति संवेदनशील विभाग में तैनात किए गए वे चपरासी के काम के लायक भी नहीं हैं तथा उन्हें 26 अक्तूबर 2018 को सेवा विभाग को वापस कर दिया गया तथा आरोप माननीय उप राज्यपाल पर मढ़ दिया है कि उन्होंने ने सर्विसेज विभाग में पोस्टिंग/ट्राॅस्फर के मामले में सरकस बना रखा है जिसके वे स्वयं रिंगलीडर है। जबकि सच्चाई इसके विपरीत है। केजरीवाल जी ने स्वयं ही इन महाभ्रष्ट चहेते अधिकारियों को ट्रेड एण्ड सर्विसेज जैसे अति संवेदनशील विभाग में तैनात करवाया और स्वयं ही इन अधिकारियों को सेवा विभाग को वापस किया है। गुप्ता ने कहा कि वे माननीय उप राज्यपाल से मिलकर इस पूरे मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करेंगे।

गुप्ता ने कहा कि उन्होंने सुना था दाल में कुछ काला है परंतु यह सिद्ध केजरीवाल जी ने किया है कि उनकी पूरी दाल ही काली है। यहां यह बताना आवश्यक है कि सर्विसेज विभाग दिल्ली की चुनी हुई सरकार के पास ही था। परंतु केजरीवाल सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर ही निर्णय देते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने 4 अगस्त 2016 को आदेश पारित किया कि माननीय उपराज्यपाल ही सर्विसेज के मामले में सक्षम अधिकारी हैं।

 गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार मिटाने के नाम पर सत्ता में आई केजरीवाल सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। उनकी कथनी और करनी में कोई समानता नहीं है। वे कहते हैं हम भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त करेंगे पर जो कर रहे हैं उससे साफ है कि मुख्यमंत्री केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार को बढ़ावा देकर पोषित कर रहे हैं।

गुप्ता ने कहा कि राजेन्द्र कुमार, तत्कालीन सचिव, सेवाएं वही अधिकारी हैं जिनके खिलाफ सीबीआई केस दर्ज है और सस्पैंड चल रहे हैं। इसी तरह सर्विसेज वापस किए गए अधिकारी  जितेन्द्र कुमार, डानिक्स जिनकी तैनाती उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्रेड एण्ड टैक्सेज विभाग में की थी उन्हें भी सीबीआई ने गिरफ्तार किया है और वे सस्पैंड चल रहे हैं। 
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