राष्ट्रीय (01/05/2019) 
सिसौदिया विधायकों के नाम बताये या न बताये दिल्ली भाजपा आम आदमी पार्टी के झूठ का पर्दाफाश दिल्ली के लोगों के बीच कर के रहेगी-विजेन्द्र गुप्ता

नई दिल्ली, 1 मई। भारतीय जनता पार्टी दिल्ली प्रदेश कार्यालय पर आज दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष  विजेन्द्र गुप्ता ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया के बयान को लेकर प्रेस वार्ता की। प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता अजय माकन के बयान जिसमें उन्होनें खुद माना है कि गठबंधन न होने के कारण कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लोकसभा चुनाव में सीटे जीतने की स्थिती में नहीं है और मनीष सिसौदिया के बयान जिसमें उन्होने कहा है कि भाजपा धन बल का प्रयोग कर आम आदमी पार्टी के विधायक तोड़ने का प्रयास कर रही है को लेकर  विजेन्द्र गुप्ता ने प्रेस को सम्बोधित किया। इस प्रेस वार्ता में दिल्ली प्रदेश महामंत्री  राजेश भाटिया और मीडिया प्रमुख अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

 पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष  विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय माकन ने लोकसभा चुनाव के बीच स्वीकार किया है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन न होने के कारण दोनों पार्टिया लोकसभा चुनाव में सीटें जीतने की स्थिती में नहीं है। अजय माकन का कहना कि अगर गठबंधन होता तो दिल्ली की सातों सीटें जीतते और आम आदमी  पार्टी के उम्मीदवार कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों से अच्छे है कहीं न कहीं इस ओर इशारा करता है कि आज भी गठबंधन के दरवाजे खुले हुये है। दिल्ली की कुछ सीटों पर काग्रेंस के उम्मीदवारों को निर्देश दिया गया है और कुछ सीटों पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को संकेत दिया गया है कि वो धीरें चले। दिल्ली की सातों सीटों को देखा जाये तो कहीं कांग्रेस के उम्मीदवार जम कर प्रचार कर रहे है तो आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार शांत है तो कहीं आम आदमी पार्टी का प्रत्याशी मजबूत दिखाई देता है तो कांग्रेस का प्रत्याशी पहले से ही हार स्वीकार कर चुका दिखता है जो कि सीधे तौर पर यह स्पष्ट करता है कि चलते लोकसभा चुनाव के बीच कारपेट के नीचे गठबंधन की खिचड़ी बडी शांति से पकाई जा रही है।

  विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि गठबंधन के लिए कांग्रेस की छटपटाहट अजय माकन के बयान से साफ तौर से स्पष्ट होती है। यह बयान तब देना जब लोकसभा चुनाव चल रहे है और 12 मई को दिल्ली में मतदान होना है कई प्रश्न खड़े करता है। चुनाव पूर्व समझौता दिल्ली की जनता को दिखाई देता लेकिन चलते लोकसभा चुनाव में अन्दर खाने बातचीत करना व एक-दुसरे के खिलाफ दबे हुये रहना स्पष्ट है कि भीतरी गठबंधन काम कर रहा है। केजरीवाल और शीला दीक्षित दिल्ली की जनता को स्पष्ट करें की उनका यह छिपा हुआ नया ऐजेण्डा क्या है नहीं तो दिल्ली भाजपा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के इस चुपचाप गठबंधन का पर्दाफाश दिल्ली की जनता के बीच करेगी।

  विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने बयान दिया है कि भाजपा 10 करोड़ रूपये खर्च कर दिल्ली के सात विधायक तोड़ना चाहती है। केजरीवाल के अपने विधायक उन्हें खुद छोड़-छोड़ कर भाग रहे है क्योकिं दिल्ली के लोगों से जो चुनावी वायदे केजरीवाल ने किये उनमें से एक भी पूरा नहीं किया। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने केजरीवाल का साथ इसलिए छोड़ दिया क्योंकि अहंकारी व हठधर्मी केजरीवाल को सत्ता में बने रहने के लिए किसी भी स्तर तक राजनीति को गिरा सकते है जो इन विधायकों को मंजूर नहीं था। दिल्ली की सत्ता में प्रचण्ड बहुमत के साथ आये केजरीवाल ने अपने 67 विधायको कों हीरा बताया था और अब उन्हीं हीरों को बिकाऊ बता रहे है। केजरीवाल बौखलाये हुये है क्योंकि इस बार चुनाव के परिणामों में आम आदमी पार्टी तीसरे नम्बर की पार्टी बनने जा रही है इसलिए अनर्गल बाते बोलकर जनता के बीच झूठ का दुष्प्रचार कर दिल्ली की सत्ता में बने रहना चाहते है।

  विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सिसौदिया ने बताया कि वह समय आने पर बिकाऊ विधायकों के नाम बतायेगें। हम उनसे पुछना चाहते है कि आप कौन से समय का इंतजार कर रहे है क्या चुनाव खत्म होने के बाद सिसौदिया नाम बतायेंगे। सिसौदिया विधायकों के नाम बताये या न बताये दिल्ली भाजपा आम आदमी पार्टी के झूठ का पर्दाफाश दिल्ली के लोगों के बीच कर के रहेगी। नाम बताने के लिए नाम होने भी चाहिए भाजपा को बदनाम करने से काम नहीं चलने वाला है। दिल्ली की जनता आम आदमी पार्टी के कामों का हिसाब कर चुकी है और प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी को पुनः प्रधानमंत्री बनाने का संकल्प ले चुकी है।

 

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