राष्ट्रीय (10/05/2019) 
धरातल पर कब उतरेगी डिफेंस यूनिवर्सिटी कल्पना के 52 साल और मंजूरी के 9 साल बाद भी सपना मात्र - मानव आवाज
इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी (इन्दू) का मुख्य लक्ष्य रक्षा के क्षेत्र में मैनेजमेंट, विज्ञान, टैक्नालोजी की उच्चतर शिक्षा प्रदान करने के साथ रक्षा पालिसी से सम्बन्धित रिसर्च को प्रोत्साहन देना है। विश्व स्तर की यह यूनिवर्सिटी गुरुग्राम के बिनोला गांव में 205 एकड़ के क्षेत्र में बनाई जानी है। पूर्व प्रधानमंत्री डा0 मनमोहन सिंह ने रक्षा मंत्रालय द्वारा मंजूरी प्रदान करने के बाद इस यूनिवर्सिटी की आधार शिला मई 2013 में रखी थी।

मानव आवाज संस्था के संयोजक एडवोकेट अभय जैन एवं प्रवक्ता बनवारी लाल सैनी ने बताया कि इस राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी की कल्पना सबसे पहले वर्ष 1967 में चीफ आफ स्टाफ कमंटी ने की थी, लेकिन तीन दशक गुजरने के बाद तक यह विचार फाइलों में ही दबा रहा। कारगिल युद्ध के बाद वर्ष 1999 में पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में इसे गम्भीरता से लिया गया। इस सिलसिलं में दिंवगत रक्षा विशेषज्ञ के सुब्रामनयन की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया। इस कमेटी ने वर्ष 2002 में अपनी रिपोर्ट में इस रक्षा यूनिवर्सिटी की आवश्यकता पर बल दिया। बाद में यूपीए सरकार ने वर्ष 2010 में गुरुग्राम में इस यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिए मंजूरी प्रदान की। इसके लिए वर्ष 2012 में बिनोला गांव में जमीन का अधिग्रहण किया गया और वर्ष 2013 में डीपीआर (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) पेश कर दी गई।

ज्ञात रहे भारतीय जनता पार्टी ने अपने 2014 के लोकसभा चुनाव के घोषणा पत्र के पेज नम्बर 39 में भारत में चार डिफेंस यूनिवर्सिटी बनाकर रक्षा के क्षेत्र में अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने का आश्वासन दिया था।

अभय जैन ने दुःख प्रकट किया कि इंडियन नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की शुरुआत 2019 के शैक्षणिक सत्र से अपेक्षित थी लेकिन अभी की जमीनी स्थिति को देखते हुए, यह अभी सपना ही लगता हैं। छः वर्ष उपरान्त यूनिवर्सिटी की जमीन पर मात्र चार-चार फुट की दीवार की गई है। यूनिवर्सिटी की संरचना के अनुसार यहां दाखिले के लिए 66 प्रतिशत छात्र रक्षा बलों से तथा 33 प्रतिशत छात्र अन्य सरकारी एजेंसियों तथा असैनिक क्षेत्र से लिए जाएंगे।

यह पूर्णतः स्वायत्त यूनिवर्सिटी सेना, वायुसेना, नौसेना के तीन सितारा जनरल की अगुवाई में काम करेगी। अलग-अलग यूनिवर्सिटी के तहत् आने वाले नेशनल डिफेंस कालेज, दिल्ली, कालेज आफ डिफेंस मैनेजमेंट, सिकन्दराबाद, डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कालेज, विलंगटन और नेशनल डिफेंस अकादमी, खरगवासला, डिफेंस यूनिवर्सिटी से सहबद्ध होगें। इस यूनिवर्सिटी में अन्य महत्त्वपूर्ण संस्थान जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्ट्रेरिज्क स्टडीज, कालेज आफ नेशनल स्कियूरिटी पालिसी और इंस्टीट्यूट फार एडवांस टैक्नालिजी स्टडीज भी सम्मिलित होगें। यूनिवर्सिटी न केवल तीनों रक्षा बलों में समन्वय स्थापित करने बल्कि रक्षा बलों और सरकार की अन्य एजेंसियों के बीच भी समन्वय में सहायक सिद्ध होगी।

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