राष्ट्रीय (04/06/2019) 
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने केजरीवाल से पूछे 10 सवाल

  नई दिल्ली, 4 जून। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  मनोज तिवारी ने आज मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को पत्र लिखकर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर 10 सवाल पूछे हैं। महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने की व्यहारिकता पर सवाल पूछते हुये  तिवारी ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर श्वेत्र पत्र जारी करने की मांग की है जिससे दिल्ली वालों के समक्ष केजरीवाल की इस झूठी घोषणा का पर्दाफाश हो सके। केजरीवाल की इस हवाई-हवाई घोषणा का खुलासा श्वेत पत्र जारी होने के बाद किया जा सकता है जिससे दिल्ली वालों को भी पता चल सके कि केजरीवाल किस तरह से भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

     तिवारी ने महिलाओं की मुफ्त यात्रा को चुनावी घोषणा करार देते हुये कहा कि दिल्ली में बसों की कमी से टैक्सी और आॅटो की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हुई है। केजरीवाल दिल्ली के नागरिकों से 2000 करोड़ रूपये सेस टैक्स के रूप में बसूलते हैं लेकिन उसका कहां-कहां और किस मद में खर्च किया जाता है इसका कोई ब्यौरा किसी को नहीं देते। उन्होंने केजरीवाल से पूछा कि 10 फरवरी, 2015 को दिल्ली में टीडीसी और कलस्टर बसों की संख्या कितनी थी और इसमें कितनी बसें चालू हालत में थीं ? आज टीडीसी और कलस्टर बसों की संख्या कितनी रह गई हैं ? उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल किया किया कि लो-फ्लोर बसें 10 साल पुरानी हो गई हैं, इनके रख रखाव में सरकार कितने पैसे खर्च कर रही है यह सार्वजनिक किया जाना चाहिये।


     तिवारी ने पूछा कि 2014-15 से आज तक दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों पर तीनों निगमों द्वारा दिल्ली सरकार को कितना सेस टैक्स मिला और दिल्ली सरकार ने इन पैसों का किस मद में इस्तेमाल किया इसकी जानकारी केजरीवाल सरकार को सार्वजनिक करना चाहिये ?  तिवारी ने केजरीवाल से सवाल पूछते हुये यह भी कहा कि इस अवधि में दिल्ली सरकार ने महिलाओं के लिए कितनी बसें चलाई गईं और महिलाओं के लिए मेट्रो में कितने विशेष कोच लगाये गये ? केजरीवाल की मंशा पर सवाल खड़े करते हुये  तिवारी ने पूछा कि आज दिल्ली मेट्रो फेज-4 के अनुमोदन के लिए कितना पैसा खर्च किया जाना है इसकी जानकारी भी दिल्ली के लोगों को होनी चाहिये ? परिवहन व्यवस्था को सुधारने के लिए दिल्ली सरकार द्वारा क्या कदम उठाये गये और उनमें कितनी सफलता मिली ? टैक्स के रूप में दिल्ली के लोगों द्वारा मोटी रकम बसूले जाने के बाद भी दिल्ली सरकार ने धूल और वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सरकार ने क्या कारगर कदम उठाये हैं, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिये


    उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिलाओं को बसों और मेट्रो में मिलने वाली मुफ्त यात्रा की विरोधी नहीं है लेकिन केजरीवाल की मंशा और नीयति पर जरूर सवाल खड़े होते हैं क्योंकि कुछ समय बाद ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव हैं इसलिये केजरीवाल की ओर से ऐसी ऐसी घोषणायें की जा रही हैं जो व्यवहारिक रूप से लागू नहीं हो पायेंगी और एक बार फिर इसका ठीकरा केजरीवाल केन्द्र सरकार पर फोड़कर अपना पल्ला झाड़ लेंगे।

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