राष्ट्रीय (29/06/2019) 
विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में बने बोर्ड का चेयरमैन ईसाई को बनाए जाने का विरोध I

 नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा तिरुमाला, तिरुपति देवासम ट्रस्ट बोर्ड (टी.टी.डी) का चेयरमैन कट्टर ईसाई प्रचारक वाई.बी. सुब्बा रेड्डी को बनाएं जाने पर यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट ने गहरी नाराजगी जताते हुए इसे हिंदुओं की धार्मिक आस्थाओं व आजादी पर कुठाराघात बताया है और नव नियुक्त चेयरमैन को तत्काल हटाने की मांग की है।
           
फ्रंट द्वारा जारी एक प्रेस वक्तव्य में यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष  जय भगवान गोयल ने कहा कि आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जग मोहन रेड्डी द्वारा अपने नजदीकी रिश्तेदार व कट्टर ईसाई प्रचारक वाई.बी सुब्बा रेड्डी को हिन्दुओं के सुप्रसिद्ध आस्था केन्द्र तिरुपति बालाजी मंदिर की बागडोर को सौंप कर सीधे तौर पर हिंदुओं के धार्मिक मामले पर हस्तक्षेप किया गया है, जो अक्षम्य अपराध है। उन्होनें कहा कि अभी तक सरकारों द्वारा हिंदुओं के बड़े धर्म स्थलो, मंदिरों की कमेटी व बोर्ड बनाकर उससे प्राप्त चढ़ावे व राजस्व को मंदिरो के विकास के स्थान पर अन्य विभिन्न कार्यो में प्रयोग किया जाता रहा है, जिसमें सहिष्णु हिन्दू समाज चुप रहा , मगर अब जब मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेवारी ही एक अन्य धर्म के व्यक्ति को सौंप दी गई है, तो अब हिन्दू समाज चुप नही बैठेगा।
 
गोयल ने कहा कि हमारे देश में हिन्दुओं के अलावा भी अन्य सभी धर्मो के अनुयायी व उनके धर्म स्थल हैं मगर दुर्भाग्य से सरकार द्वारा बहुसंख्यक हिन्दुओं के ही तमाम बड़े धर्मस्थलों पर ही सरकारी नियम कानून बनाकर सरकारी शिकंजा कसा गया अन्यथा देश में तमाम बड़ी मस्जिदे व चर्च भी है, जिनकी ओर देखने की भी हिम्मम सरकार नहीं जुटा पाती। उन्होनें कहा कि यह कैसा हिन्दू बाहुल्य राष्ट्र है, जहां हिन्दुओं व उनके धर्म स्थलों के लिए ही सभी नियम कानून बनाए जाते है?
 
गोयल ने कहा कि तिरुपति बालाजी मंदिर में बना यह पहला ऐसा ट्रस्ट होगा जिसमें किसी दूसरे सम्प्रदाय के व्यक्ति को चेयरमैन बनाया गया है जिसे हिन्दू धर्म के बारे में अता-पता ही नही है बल्कि वह तो इसाई प्रचारक होने के कारण अब खुलेआम हिन्दुत्व विरोधी गतिविधियों का संचालन मंदिर परिसर से करेगा। उन्होनें कहा कि आंध्र सरकार का ये फेसला खुलेआम हिंदुओं की धार्मिक आजादी के साथ खिलवाड व उन्हें कमजोर बनाने की साजिश है। जिस पर केंद्र सरकार को भी हस्ताक्षेप करना चाहिए अन्यथा दो धर्मो के मध्य में वैमनस्यता बढ़ेगी।
 
गोयल ने चेतवानी देते हुए कहा कि इस नियुक्ति के विरोध में 30 जून को फ्रंट के कार्यकर्ता नई दिल्ली स्थित आंध्र प्रदेश भवन पर सांकेतिक प्रदर्शन कर इस नियुक्ति को तत्काल रद्द करने की मांग करेगें और अगर हिंदुओं की इस मांग पर कार्यवाही नहीं हुई तो पूरे देश का सन्त समाज, हिन्दू जनता के साथ इसके विरोध में आंदोलन करने को मजबूर होगा।

 

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