राष्ट्रीय (04/07/2019) 
- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दलित एक्टिविस्ट राज कुमार आनंद का पार्टी में किया स्वागत

मुख्यमंत्री आवास के बाहर बृहस्पतिवार को हुई एक जनसभा के दौरान पार्टी के पुराने सदस्य राजकुमार आनंद एवं उनकी पत्नी वीना आनंद ने दोबारा आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। वीना आनंद वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी के टिकट से पटेल नगर विधानसभा से विधायक रह चुकी हैं।

 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोनों का पार्टी में दोबारा शामिल होने पर स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कुछ गलतफहमी के कारण राजकुमार आनंद जी एवं उनकी पत्नी वीणा आनंद जी ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता त्याग दी थी। परंतु पिछले साढ़े 4साल में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के अंदर शिक्षा,स्वास्थ्य, बिजली-पानी एवं अन्य क्षेत्रों में जो आमूलचूल परिवर्तन किए, उनसे प्रभावित होकर उन्होंने दोबारा आम आदमी पार्टी में आने का निर्णय लिया।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे बेहद खुशी है जो गलतफहमियां थी वह दूर हुईं और पार्टी के पुराने साथी पार्टी में वापस आए।

 

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक मात्र ऐसी पार्टी है जो दलितों के लिए केवल भाषण नहीं देती,बल्कि दलितों के लिए काम भी करती है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी के जीवन का उदाहरण देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बाबासाहेब  से हम सबको प्रेरणा मिलती है। बाबासाहेब ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष किया। बेहद गरीब परिवार से होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा के लिए संघर्ष किया। न केवल देश में बल्कि विदेश जाकर अच्छी शिक्षा ग्रहण की।

 

 बाबा साहब हमेशा कहते थे कि अगर दलितों का उत्थान करना है, तो उसका एकमात्र मंत्र है शिक्षा। शिक्षा ही एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से एक ही पीढ़ी में पूरे दलित समाज का उद्धार हो सकता है।

 

आज देश में जितनी भी दलित प्रेमी पार्टियां मौजूद हैं,वह बाबा साहेब के नाम पर दलितों से वोट तो मांगती हैं, परंतु दलितों के लिए कोई काम नहीं करती। पिछले70 सालों में किसी पार्टी ने दलितों और गरीबों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा की व्यवस्था नहीं की। सभी पार्टियां प्राइवेट स्कूलों के साथ मिलकर सांठगांठ करके, साल दर साल फीस बढ़ाती हैं, मुनाफा कमाती हैं। सरकारी स्कूलों की स्थिति बद से बदतर कर दी गई।

 

अभी तक देश में जितनी भी पार्टियां थी उनका एजेंडा था की सफाई कर्मचारी का बच्चा सफाई कर्मचारी ही बने, ऑटो वाले का बच्चा ऑटो ही चलाए, मजदूर का बच्चा मजदूरी ही करे। पहली बार देश में एक ऐसी पार्टी आई है, आम आदमी पार्टी जो कहती है कि हम सफाई कर्मचारी के बच्चे को डॉक्टर बनाएंगे, मजदूरों के बच्चों को इंजीनियर बनाएंगे। आम आदमी पार्टी ने न केवल कहा बल्कि करके दिखाया है। पिछले साल दिल्ली सरकार के स्कूल से लगभग 350 बच्चे देश के सर्वोच्च इंजीनियरिंग संस्थान आईआईटी में दाखिल हुए हैं। अब दलितों के और गरीबों के बच्चे इंजीनियर बन रहे हैं। यही सपना था बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी का।

 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मुझे बेहद खुशी है कि राजकुमार आनंद जी पार्टी में वापस आए हैं। मैं इस मंच के माध्यम से उन्हें आश्वासन देता हूं कि हमारी पार्टी की जो विचारधारा है, मिलजुल कर उस पर काम करेंगे, गरीबों दलितों और पिछड़े वर्ग के लिए मिलजुल कर काम करेंगे।

 

सभा को संबोधित करते हुए राजकुमार आनंद ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने पुरानी सभी बातों को पीछे छोड़कर हमें दोबारा से पार्टी में शामिल होने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व में कुछ गलतफहमी के कारण मैं और मेरी पत्नी वीणा आनंद ने पार्टी की सदस्यता त्याग दी थी परंतु आज दोबारा से हम अपनी विचारधारा वाली पार्टी से जुड़ने जा रहे हैं।

 

मैंने आम आदमी पार्टी को अपनी विचारधारा वाली पार्टी इसलिए कहा क्योंकि इस पार्टी ने दलितों को,गरीबों को और मजदूरों को भी बेहतर शिक्षा का अधिकार दिया। सरकारी स्कूलों की स्थिति जर्जर अवस्था में थी जिसके कारण दलित और गरीब वर्ग के बच्चे स्कूल जाने से कतराते थे आम आदमी पार्टी ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की ऐसी बेहतर व्यवस्था की है कि आज गरीबों के दलितों के बच्चे स्कूल जाने में फख्र महसूस करते हैं।

 

बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर जी का सबसे पहला सूत्र था शिक्षा जिसे लेकर आज आम आदमी पार्टी चल रही है।

 

दलित समाज के लिए आम आदमी पार्टी ने जितना काम किया है शायद ही किसी पार्टी ने किया होगा।2013 में चुनाव जीतने के बाद तुरंत दिल्ली की जनता के लिए आधे दामों पर बिजली और मुफ्त पानी की योजना को लागू किया। उसके बाद आम आदमी पार्टी ने दलित समुदाय के लिए भीम विकास प्रतिभा योजना लागू की। दलितों के बच्चों के लिए उच्च शिक्षा में मुफ्त कोचिंग की सुविधा लागू की। गरीबों और दलितों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 10 लाख तक के लोन का प्रावधान किया।

 

शिक्षा से संबंधित एक वार्ता का हवाला देते हुए राजकुमार आनंद ने कहा कि वार्ता के दौरान स्मृति इरानी जी ने एनसीईआरटी के कोर्स में वीर सावरकर का 1 अध्याय जोड़ने की पेशकश रखी। वही वीर सावरकर जिसका आजादी की लड़ाई में कोई योगदान नहीं है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया जी ने इसका विरोध किया, और इस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी ने ऐलान किया कि हम दिल्ली सरकार के स्कूलों में अंबेडकर जी का एक अध्याय शामिल करेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा को सावरकर पढ़ाने दो, हम अपने बच्चों को अंबेडकर बढ़ाएंगे।

 

राजकुमार आनंद जी ने मंच के माध्यम से कहा कि मैं बिना किसी पद के लालच के इस पार्टी में एक कार्यकर्ता के तौर पर अरविंद केजरीवाल जी और बाकी सदस्यों के साथ मिलकर दलित समाज और गरीब समाज के उत्थान के लिए तन मन धन से काम करूंगा।

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