राष्ट्रीय (05/07/2019) 
मेक इन इंडिया को बढावा देने की तरफ ध्यान।

अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केन्द्र (आईएफएससी)

·        आईएफएससी के लिए प्रत्यक्ष कर प्रोत्साहन का प्रस्ताव किया गयाः

o   15 वर्ष की अवधि में किसी 10 वर्ष के ब्लॉक में 100 प्रतिशत मुनाफा आधारित कटौती

o   कंपनियों को मौजूदा और कुल आय और म्युचुअल फंडों से लाभांश वितरण कर से छूट

o   श्रेणी-III वैकल्पिक निवेश निधि के लिए पूंजी प्राप्तियों पर छूट

o   अप्रवासियों से ऋण लेने पर ब्याज भुगतान में छूट

प्रतिभूति लेन-देन कर (एसटीटी)

·        एसटीटी केवल विकल्पों के इस्तेमाल के मामले में निपटारा और स्ट्राइक प्राइस के बीच अंतर तक सीमित है।

अप्रत्यक्ष कर

मेक इन इंडिया

·        काजू, पीवीसी, टाइल, मोटरवाहन के पुर्जे, संगमरमर, ऑप्टीकल फाइबर केबल, सीसीटीवी कैमरा आदि पर आधारभूत सीमा शुल्क कर में वृद्धि।

·        भारत में अब निर्मित होने वाले कुछ इलेक्ट्रॉनिक मदों पर सीमा शुल्क कर में छूट वापस ली गई।

·        पाम स्टीरीन, वसायुक्त तेलों पर अंतिम उपभोग आधारित छूट वापस ली गई।

·        विभिन्न प्रकार के कागजों पर छूट वापस ली गई।

·        आयातित पुस्तकों पर 5 प्रतिशत आधारभूत सीमा शुल्क लगाया गया।

·        निम्नलिखित कुछ कच्चे मालों पर सीमा शुल्क घटाया गयाः

o   कृत्रिम किडनी के औजारों, डिस्पॉजिबल स्टर्लाइज्ड डाइलिसर और परमाणु बिजली संयंत्र आदि के लिए ईंधन

o   विशेष इलेक्ट्रॉनिक सामग्रियों के निर्माण के लिए आवश्यक पूंजीगत सामग्री

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