राष्ट्रीय (05/07/2019) 
राष्ट्रीय शिक्षा नीति, खेल तथा ऋृण पर बहुत कुछ।

युवा

·         निम्‍नलिखित प्रस्‍तावों के साथ नई राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति लाई जाएगी।

o   स्‍कूल और उच्‍च शिक्षा दोनों में प्रमुख परिवर्तन।

o   बेहतर शासन प्रणालियां

o   अनुसंधान और नवाचार पर अधिक ध्‍यान देना

·         राष्‍ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्‍ठान(एनआरएफ) में प्रस्‍ताव किया गया है-

o   देश में अनुसंधान को धन उपलब्धसमन्‍वय और बढ़ावा देना।

o   विभिन्‍न मंत्रालयों द्वारा दी गई स्‍वतंत्र अनुसंधान अनुदान का उपयोग।

o   देश में समग्र अनुसंधान पारिस्थिकी को मजबूत बनाना।

o   अतिरिक्‍त निधियों के साथ इसे पर्याप्‍त रूप से आगे बढ़ाया जाएगा।

o   वित्‍तवर्ष 2019-20 के लिए ‘विश्‍व स्‍तर के संस्‍थानों’ हेतु 400 करोड़ रुपये उपलब्‍ध कराए गए, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों से तीन गुणा से अधिक हैं।

·         भारत में अध्‍ययन के तहत विदेशी छात्रों को भारत के उच्‍च शिक्षा संस्‍थानों में पढ़ाई हेतु लाना।

·         उच्‍च शिक्षा की नियामक प्रणालियों में व्‍यापक रूप से सुधार लाना।

o   अधिक स्‍वायत्‍ता को बढावा देना।

o   बेहतर शैक्षिक परिणामों पर ध्‍यान देना।

·         भारत उच्‍च शिक्षा आयोग (एचईसीएल) स्‍थापित करने के लिए मसौदा विधायी पेश करना है।

·         खेलो इंडिया योजना का सभी आवश्‍यक वित्‍तीय सहायता के साथ विस्‍तार करना।

·         खेलों को सभी स्‍तरों पर लोकप्रिय बनाने के लिए खेलो इंडिया के तहत खिलाडि़यों के विकास हेतु राष्‍ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड की स्‍थापना।

·         भाषा प्रशिक्षणएएल, एलओटी, बिग डाटा, 3डी प्रिंटिंग, वर्चुअल रीयल्‍टी और रोबोटिक्‍स सहित वैश्विक मूल्‍य कौशल सैट के बारे में युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार करने के बारे में अधिक ध्‍यान दिया जाएगा।

·         पंजीकरण को मानकीकृत और सरल बनाने तथा रिटर्न फाइल करने के लिए विविध श्रम कानूनों को सरल बनाने के लिए चार श्रम कोड के सैट का प्रस्‍ताव किया गया है।

·         दिल्‍ली दूरदर्शन के चैनलों पर स्‍टार्ट अप्‍स के लिए और उनके ही द्वारा विशेष रूप से एक टेलीविजन कार्यक्रम का प्रस्‍ताव है।

·         2020-25 अवधि के लिए स्‍टार्टअप इंडिया योजना जारी रहेगी। बैंक मांग आधारित व्‍यापार के लिए वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध करायेंगे।

जीवन सरल बनाना

·         लगभग 30 लाख कामगार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानदंड योजना में शामिल हो गए हैं। इस योजना के तहत असंगठित और अनौपचारिक क्षेत्रों के मजदूरों को 60 साल की उम्र होने पर पेंशन के रूप में 3000 रुपये प्रति माह देने का प्रावधान है।

·         उज्‍जवला योजना के तहत लगभग 35 करोड़ एलईडी बल्‍ब बांटे गएजिससे वार्षिक रूप से 18,341 करोड़ रुपये की लागत बचत हुई।

·         एलईडी बल्‍ब मिशन की पहुंच का उपयोग करते हुए सोलर स्‍टोव और बैटरी चार्जरों को बढ़ावा देना।

·         रेलवे स्‍टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए व्‍यापक कार्यक्रम शुरू किए गए।

नारी तू नारायणी/महिला

·         महिला नेतृत्‍व पहलों और आंदोलनों के लिए महिला केन्द्रित नीति निर्माण के दृष्टिकोण में बदलाव

·         लैंगिक भेदभाव दूर करने के लिए सरकारी और निजी हितधारकों के साथ एक समिति प्रस्‍तावित की गई है।

·         एसएचजी

o   सभी जिलों में महिला एसएचजी हित बढ़ोत्‍तरी कार्यक्रम का विस्‍तार करने का प्रस्‍ताव है।

o   जनधन बैंक खाता रखने वाली प्रत्‍येक सत्‍यापित महिला एसएचजी सदस्‍य को 5000 रुपये के ओवरड्राफ्ट की अनुमति होगी।

भारत का सॉफ्ट पावर

·         भारतीय पासपोर्ट रखने वाले अनिवासी भारतीयों के लिए भारत आगमन पर 180 दिनों की प्रतीक्षा अवधि के बगैर आधार कार्ड जारी करने का प्रस्‍ताव।

·         पराम्‍परिक व्‍यवसाय से जुड़े भारतीय कारीगरों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए आवश्‍यक पेटेंट और भौगोलिक संकेतक उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव।

·         मार्च2018 में सरकार ने अफ्रीका में 18 नये उच्‍चायोग खोलने को मंजूरी दी थीइनमें से पांच खोले जा चुके हैं और अन्‍य चार दूतावास 2019-20 में खोले जाएंगे।

·         भारत विकास सहयोग योजना (आईडीईएएस) को नया रूप देने का प्रस्‍ताव।

·         विश्‍व स्‍तरीय पर्यटन स्‍थलों के मॉडल के रूप में देश के 17 प्रमुख पर्यटन स्‍थलों को विकसित किया जा रहा है।

·         देश की समृद्ध जनजातीय सांस्‍कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए मौजूदा डिजिटल  डाटाओं के संग्रह को और सशक्‍त बनाना।

बैंक और वित्‍तीय क्षेत्र

·         पिछले एक वर्ष में वाणिज्यिक बैंकों के फंसे कर्ज में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट आई। पिछले चार वर्षों में चार लाख करोड़ से अधिक की कर्ज वसूली हुई।

·         सात वर्षों में प्रावधान कवरेज अनुपात सात वर्षों में अपने उच्‍चतम स्‍तर पर

·         घरेलू ऋण वृद्धि दर बढ़कर 13.8 प्रतिशत पर पहुंची।

 

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए किए गए उपाय : 

·         ऋण क्षमता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 70,000 करोड़ रुपये उपलब्‍ध कराने का प्रस्‍ताव।

·         ऑनलाइन व्‍यक्तिगत ऋण, घर तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाने तथा एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के ग्राहक द्वारा सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक में बैंकिंग सेवाओं का लाभ प्राप्‍त करने के लिए बैंकों द्वारा प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल को बढ़ावा देना।

·         खाताधारकों को किसी अन्‍य द्वारा उनके खातों में जमा की गई राशि पर नियंत्रण रखने के लिए सशक्‍त बनाने के उपाय करना।

·         सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रबंधन को सशक्‍त बनाने के लिए सुधार।

गैर-बैंकिंग वित्‍तीय कंपनियां

·         वित्‍त विधेयक में गैर-बैंकिंग कंपनियों पर रिजर्व बैंक के विनियामक अधिकारों को सशक्‍त बनाने का प्रस्‍ताव।

·         एनबीएफसी को पब्लिक इश्‍यू के जरिये धन जुटाने के लिए डीआरआर का सृजन करने की आवश्‍यकता समाप्‍त कर दी जाएगी।

·         सभी गैर-बैंकिंग कंपनियोंको टीआरईडीएस प्‍लेटफॉर्म में सीधे भाग लेने की अनुमति देने के लिए कदम उठाये जाएंगे।

·         आवास संबंधी सभी वित्‍तीय क्षेत्र के विनियमन का अधिकारएनएचबी से लेकर वापस आरबीआई को सौंपने का प्रस्‍ताव।

·         अगले पांच वर्षों में अवसंरचना क्षेत्र में 100 लाख करोड़ का निवेश करने की योजना।

·         एनपीएस ट्रस्‍ट को पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) से अलग रखने के प्रयास किये जाएंगे।

·         नेट ओन्‍ड फंड की जरूरत को 5,000 करोड़ से कम करके 1,000 करोड़ करने का प्रस्‍ताव।

·         देश में अंतर्राष्‍ट्रीय बीमा कारोबार की सुविधा प्रदान करने का प्रस्‍ताव।

·         अंतर्राष्‍ट्रीय वित्‍तीय सेवा केन्‍द्रों में विदेशी बीमाकर्ताओं की शाखा खुलवाने की व्‍यवस्‍था।

 

गैर-वित्‍तीय सार्वजनिक क्षेत्र प्रतिष्‍ठान

·         सरकार ने वित्‍त वर्ष 2019-20 के लिए विनिवेश के जरिये 1,05,000 करोड़ रुपये प्राप्‍त करने का लक्ष्‍य रखा है।

·         सरकार एयर इंडिया में विनिवेश की रणनीति फिर से शुरू करेगी और निजी क्षेत्रों को और साथ ही निजी क्षेत्रों की रणनीतिक भागीदारी के लिए और भी सीपीएसई को मौका देगी।

·         सरकार पीएसयू की रणनीतिक बिक्री का भी रास्‍ता अपनाएगी तथा गैर-वित्‍तीय क्षेत्रों में पीएसयू को मजबूत तथा सुसंगठित बनाये रखने का काम जारी रहेगी।

·         सरकार पीएसयू में अपनी हिस्‍सेदारी 51 प्रतिशत बनाये रखने की नीति में आवश्‍यकता आने पर संशोधन करने पर विचार कर रही है।

·         सरकार द्वारा 51 प्रतिशत हिस्‍सेदारी कम करने के मामले में सरकार के नियंत्रण वाले संस्‍थानों की हिस्‍सेदारी को भी शामिल किया जाएगा।

·         निवेश के लिए अतिरिक्‍त व्‍यवस्‍था।

o   सरकारी सीपीएसई में अपनी हिस्‍सेदारी को फिर से ठीक करने की तैयारी में।

o   बैंक अपने शेयरों की ज्‍यादा बिक्री के जरिये बाजार में अपनी पैठ बनाने की तैयारी में।

·         सरकार, इक्विटी लिंक्‍ड सेविंग स्‍कीम (ईएलएसएस) की तर्ज पर ईटीएफ में निवेश का एक विकल्‍प प्रदान करेगी।

·         सरकार, सभी सूचीबद्ध सार्वजनिक उपक्रमों में जनता की 25 प्रतिशत भागीदारी के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करेगी। सभी पीएसयू कंपनियों में विदेशी हिस्‍सेदारी को उभरते हुए बाजार सूचकांक के अनुरूप अधिकतम स्‍वीकृत सीमा तक बढ़ाया जाएगा।

·         सरकार, विदेशी बाजारों में विदेशी मुद्रा में अपनी सकल उधारी कार्यक्रम के एक हिस्‍से को बढ़ाना शुरू करेगी। इससे घरेलू बाजार सरकारी प्रतिभूतियों की मांग पर अनुकूल प्रभाव पड़ेगा।

·         लोगों के इस्‍तेमाल के लिए जल्‍द ही एक रुपये, दो रुपये, 5 रुपये, 10 रुपये और 20 रुपये के नये सिक्‍के उपलबध होंगे।

डिजिटल भुगतान :

·          बैंक खाते से एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक की नकदी निकासी पर 2 प्रतिशत के  टीडीएस का प्रस्‍ताव।

·         ऐसे व्‍यापारिक प्रतिष्‍ठानजिसका वार्षिक कारोबार 50 करोड़ रुपये से अधिक है, वे अपने ग्राहकों को कम लागत वाली डिजिटल भुगतान सुविधा बिना किसी शुल्‍क के उपलब्‍ध कराएंगे। इसके लिए व्‍यापारियों या ग्राहकों पर कोई अतिरिक्‍त प्रभार नहीं लगाया जाएगा।

उदियमान और उन्‍नत प्रौद्योगिकी क्षेत्र के बड़ा निवेश :

·         सेमी कंडक्‍टरसौर ऊर्जा बैटरियां, लिथियम स्‍टोरेज बैटरियां, कम्‍प्‍यूटर सर्वर और लेपटॉप आदि जैसे उदियमान और उन्‍नत प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़ी वैश्विक कंपनियों को संयंत्र लगाने के लिए आमंत्रित करना।

·         ऐसी कंपनियों को आयकर छूटों और अन्‍य अप्रत्‍यक्ष करों का लाभ प्रदान करना।

2014-2019 के दौरान की उपलब्धियां :

·         पिछले पांच वर्षों में भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था में एक ट्रिलियन डॉलर की राशि जुड़ी है।  

·         भारत विश्‍व की छठी बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन चुका है। पांच वर्ष पहले यह 11 स्‍थान पर था।

·         क्रय शक्ति की समानता के दृष्टि से भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था है। 

·         2014-19 के दौरान राजकोषीय अनुशासन को सुदृढ़ बनाया तथा केन्‍द्र-राज्‍य संबंधों को गतिशीलता प्रदान की गई।

·         अप्रत्‍यक्ष करों, दिवाला मामलों तथा रियल इस्‍टेट क्षेत्र में संरचनात्‍मक सुधार किये गये।

·         2009-14 की तुलना में 2014-19 के बीच खाद्य सुरक्षा पर प्रतिवर्ष औसतन दोगुना खर्च किया गया।

·         2014 की तुलना में 2017-18 में तिगुने से भी पेटेंट जारी किये गये।

·         नीति आयोग की योजाओं और समर्थन से नये इंडिया के निर्माण की प्रक्रिया जारी है।

भविष्‍य के लक्ष्‍य :

·         प्रक्रियाओं को सरल बनाना।

·         निष्‍पादन को प्रोत्‍साहित करना।

·         लाल फीताशाही में कमी लाना।

·         प्रौद्योगिकी का बेहतर इस्‍तेमाल करना।

·          शुरू किये कार्यक्रम और सेवाओं को गति प्रदान करना।

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