राष्ट्रीय (14/07/2019) 
छ: महीनों में ही बच्चों से बलात्कार के 24 हजार मामले सामने आना शर्मनाक
भिवानी, 14 जुलाई। देशभर से 2019 के शुरूआती छ: महीनों में ही बच्चों से बलात्कार के 24 हजार मामले सामने आना शर्मनाक है परन्तु उससे से भी अधिक शर्मनाक बात केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा इस मामले पर आंखे बंद करके बैठना है। ये बात हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रवक्ता अशोक बुवानीवाला ने आज सुप्रीम कोर्ट द्वारा संग्रहित 1 जनवरी 2019 से 30 जून 2019 आकंड़ों अनुसार बाल दुष्कर्म के संदर्भ में दर्ज हुए 24,212 मामलों की रिपोर्ट सामने आने पर कही। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की पूरी संवेदनहीनता और उदासीनता के कारण सर्वोच्च न्यायालय में मुख्य न्यायधीश को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए याचिका दायर करने पर मजबूर होना ये दर्शाता है कि भाजपा का बेटी बचाओं का नारा एकदम खोखला है। बुवानीवाला ने कहा कि महिला सुरक्षा की दुहाई देने वाली भाजपा ने 2016 के बाद राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरों की रिपोर्ट तक जारी नहीं की है। देशभर में विभिन्न स्थानों पर घटीत हुए बलात्कार के सनसनीखेज व जघन्य कांड में राज्य व प्रशासन दोषियों को बचाते दिखता है तो अपराधियों का मनोबल बढ़ता है और समाज व पीडि़तों का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठता है। ऐसे में भाजपा सरकार के सुशासन के दावे हाशिये पर और अपराधियों के हौसले बुलंदी पर नजर आते हैं। बच्चों से बलात्कार के केवल छ: महीने के भीतर आए ये आकंड़े चिंताजनक है जो शासन व प्रशासन पर अनेक प्रश्र तो खड़ें करते ही है बल्कि हमारा मस्तक भी नीचा करते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार बेटी बचाओं अभियान पर महज 5 पैसे प्रति लडक़ी खर्च करती है, इसी तरह केन्द्र सरकार द्वारा 2015 से 2018 के बीच जारी निर्भया फंड का केवल 20 प्रतिशत ही उपयोग किया गया है। केन्द्र द्वारा 2015 से 2019 तक 1813 करोड़ का वितरण किया गया, इसमें से 854.66 करोड़ रूपये की राशि 2018 तक वितरित की गई, जिसमें से केवल 165.48 करोड़ रूपऐ विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में खर्च किए गए। बुवानीवाला ने कहा कि जब अपराध का ग्राफ इतना अधिक है तो सरकार इन योजनाओं को दुरूस्त करने पर ध्यान क्यों नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों में बलात्कार काऊंसलिंग के लिए बहुप्रचारित वन स्टॉप सेंटर कागजों पर तो स्थापित है परन्तु धरातल पर नहीं इसी प्रकार देश के आधे से ज्यादा हिस्सों में फास्ट ट्रैक कोर्टस ही नहीं है जो सरकार की महिलाओं को सुरक्षा देने की कार्यप्रणाली पर ही सवालियां निशान है। बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2016 के बाद से जानबूझकर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरों के आंकड़ें छुपा रखे हैं क्योंकि 2016 में भाजपा की सुशासनी सरकार में देश को महिला अपराधों के मामलों में विश्वभर में पहला स्थान मिला था और अब पिछले 3 वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़ें प्रकाशित ही नहीं किए है। बाल दुष्कर्म मामलों पर वर्ष 2016 में प्रकाशित राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरोके आखिरी आंकड़ों में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के 90 हजार लंबित मामलों का दुर्भाग्यपूर्ण आंकड़ा दर्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार आखिर क्यों इन अपराधों पर लगाम लगाने की बजाए उन्हें जनता से छुपा रही है। बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा राज में देशभर में निरन्तर बढ़ रहें ये शर्मनाक अपराध देश के माथे पर कलंक की तरह है जो बढ़ते ही जा रहें है परन्तु मोदी सरकार इस गंभीर स्थिति से निपटने की बजाऐ आंकड़ों को छुपाने में लगी हुई है। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रति मोदी सरकार ये रवैया दुर्भाग्यपूर्ण है। 
Copyright @ 2019.