राष्ट्रीय (15/07/2019) 
दिल्ली की जनता के प्रति केजरीवाल संवेदनहीन हो गये हैं-मनोज तिवारी

नई दिल्ली, 15 जुलाई। दिल्ली सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर पिछले साढ़े चार साल से ढोल पीटा जा रहा है लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सुविधा तो दूर की बात है केजरीवाल सरकार अरूणा आसफ अली अस्पताल में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुये आक्सीजन के सिलेंडर बेसमेंट में रखे हैं जो मरीजों के लिए बेहद खतरनाक हैं। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार का लापरवाहीपूर्ण व गैर-जिम्मेदाराना रवैया दिल्ली की जनता के सामने आ चुका है। 

 

 तिवारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। केजरीवाल सरकार किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है। अस्पताल के बेसमेन्ट में रखे गये आक्सीजन सिलेण्डर जिससे शार्ट सर्किट होने से भीषण आग लग सकती है। आग लगने की घटनाएं दिल्ली में एक के बाद एक लगातार हो रही है लेकिन केजरीवाल इन दुर्घटनाओं से कोई सबक नहीं ले पा रहे है। इस अस्पताल में दिल्ली भर के मरीजों उनके तिमारदारों, अस्पताल स्टाफ व डाक्टरों की भीड़ हमेशा रहती है जिनकी जान पर 24 घण्टें खतरा मण्डरा रहा है। ऐसे में यदि कोई अनहोनी होती है तो काफी भारी संख्या में जान-माल का नुकसान हो सकता है, लेकिन दिल्ली सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। इस प्रकार के भंडारण की सभी अस्पतालों में जांच होनी चाहिये और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिये।

 

 तिवारी ने कहा कि 9 दिंसबर, 2011 में कोलकत्ता के एएमआरआई अस्पताल के बेसमेन्ट में बने आक्सीजन सिलेण्डर के भंडारण में शार्ट सर्किट हुआ और भीषण आग लगने से 90 मरीजों की मौत हो गई थी जिस पर संज्ञान लेते हुये दायर जनहित याचिका पर न्यायालय में सुनवाई करते हुये नोटिफिकेशन जारी कर सभी अस्पतालों के बेसमेन्ट से आक्सीजन सिलेण्डर के भण्डारण हटाने का आदेश जारी किया था। अरूणा असफ अली अस्पताल की आक्सीजन की पाईप लाईन की हालत भी जर्जर है जो कि केजरीवाल सरकार के तमाम दावों की पोल स्पष्ट रूप से खोल रही है। आक्सीजन खुद जलता नहीं है, लेकिन किसी भी वस्तु को जलाने का काम कर सकता है। जहां पर भी आक्सीजन गैस रिस रही हो वहां पर माचिस या शार्ट सर्किट से भीषण आग लग सकती है। इसी कारण बेसमेन्ट में सिलेण्डर का भण्डारण निषेध है क्योंकि आग लगने की स्थिति में जबरदस्त धमाका भी हो सकता है।

 

 तिवारी ने कहा कि केजरीवाल सरकार आग लगने की घटनाओं से सबक लेते हुये दिल्ली में कोई निरीक्षण नहीं करा रही है। दिल्ली में हर दूसरे तीसरे दिन आग लगने के कारण दिल्ली के किसी न किसी नागरिक को जान गवानी पड़ रही है। दो दिन पहले दिल्ली के पूर्वी इलाके के झिलमिल में एक रबड़ फैक्ट्री में आग लग गई। इस हादसे में 3 लोगों की मौत हो गई थी। आज भी केशवपुरम की एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई वो तो ईश्वर की कृपा से किसी भी प्रकार से जानमाल का कोई नुकसान होने से बच गया। दिल्ली के नागरिकों की रक्षा करना दिल्ली की सरकार का कर्तव्य है लेकिन केजरीवाल सरकार अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर रही है। मीडिया व सोशल मीडिया पर हर छोटी बड़ी बात पर टिप्पणी करने वाले केजरीवाल इन घटनाओं पर चुप्पी साधे बैठे है। दिल्ली की जनता के प्रति केजरीवाल संवेदनहीन हो गये है जिसके लिए जनता उन्हें क्षमा नहीं करेगी।

 

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