राष्ट्रीय (20/07/2019) 
दिल्ली की सत्ता में बैठी केजरीवाल सरकार झूठ की नदियां बहा रही है-मनोज तिवारी

नई दिल्ली, 19 जुलाई।  दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  मनोज तिवारी ने आज प्रदेश कार्यालय में केजरीवाल सरकार द्वारा अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के केन्द्र सरकार के ऐतिहासिक निर्णय को अपनी सरकार की उपलब्धि बताकर मीडिया में प्रचार-प्रसार करने के नाटक को सूचना के अधिकार के आधार पर दिल्ली की जनता के सामने रखते हुये प्रेस वार्ता की। इस अवसर पर में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष  सतीश उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता  हरीश खुराना,  राजकुमार भाटिया, मीडिया प्रभारी  प्रत्युष कंठ, सह-प्रभारी  नीलकांत बख्शी एवं मीडिया प्रमुख  अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

 

पत्रकारों को सम्बोधित करते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष  मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली की सत्ता में बैठी केजरीवाल सरकार झूठ की नदियां बहा रही है। दिल्ली के लोगों के हितों की रक्षा के लिए जिसको रोकना बेहद जरूरी है। दिल्ली की आबोहवा को प्रदूषित करने वाले केजरीवाल अब विचारों को भी प्रदूषित करना चाहते है। दिल्ली भाजपा का अपना चिंतन है जिसके आधार पर हम चाहते है कि सुचिता की राजनीति हो, जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से सत्ता को चलाया जाये, लेकिन केजरीवाल दिल्ली में ओछी राजनीति कर रहे हैं। हर दिन नया झूठ बोलने वाली केजरीवाल सरकार ने कल एक नया झूठ बोला कि हम अनधिकृत कालोनियों को नियमित करने जा रहे हैं। इस झूठ को सच का आईना दिखाने के लिए हम आज आपके सामने सूचना के अधिकार को आधार बनाकर केजरीवाल सरकार के एक एक झूठ को दिल्ली की जनता के सामने बेनकाब करने आये हैं।

 

 तिवारी ने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल से एक सवाल पूछना चाहता हूँ कि जब 2014 में मोदी सरकार आई तो एक गजट नोटिफिकेशन 1 जनवरी, 2015 को डीडीए में पास कराया गया जिसमें कहा गया कि जिन अनधिकृत कॉलोनियों में 1, जनवरी 2015 तक 50 प्रतिशत से ज्यादा कंस्ट्रशन हो चुका है उसको भी नियमित करने की कार्यवाही शुरू की जाये। केन्द्र के निर्देश के बावजूद आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपनी घटिया राजनीति करते हुये न सिर्फ उस आदेश को दबाया बल्कि यह भ्रम फैलाते रहे हैं कि केन्द्र में दोबारा मोदी सरकार आने के बाद अनधिकृत कालोनियां गिरा दी जायेंगी। दिनांक 15 सितम्बर 2016 19 सितम्बर 2016 को दो बार केन्द्र सरकार द्वारा दिल्ली सरकार को अनधिकृत कालोनियों के विषयों में बुलाया गया लेकिन केजरीवाल द्वारा कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।

 

 

 तिवारी ने कहा कि केजरीवाल ने 2017 में दो साल का समय बाउंड्री डी-मार्केशन के लिये मांगा फिर 2019 में दो साल का समय मांग लिया है। 14 फरवरी, 2019 को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री  हरदीप सिंह पुरी द्वारा केजरीवाल को एक चिट्ठी भी लिखी थी जिसमें उन्हें कहा गया था कि आप सर्वे का कांट्रेक्ट अवार्ड करने में सक्षम नहीं हैं और अभी आपको टेंडर निकालने के लिये भी 4 और महीने चाहिये और उसके बाद सर्वे दो साल तक चलेगा, जो 2021 में पूरा होगा। ऐसी स्थिति में केन्द्र सरकार स्वयं अनधिकृत कालोनियों के सर्वे का काम पूरा करेगी। चार वर्ष केजरीवाल ने केवल अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने को लेकर केवल समय मांगा और जब केन्द्र सरकार ने इन्हें पक्का करने का निर्णय लिया तो केजरीवाल अपनी पुरानी आदत से मजबूर मीडिया में सस्ती लोकप्रियता बटोरने के लिए तुरन्त प्रेस वार्ता कर के अपनी सरकार की उपलब्धि बताने लगे।

 

 तिवारी ने कहा कि एक और झूठ केजरीवाल ने दिल्ली की जनता से बोला था कि केन्द्र सरकार फंड नहीं देती है जिसके कारण क्षेत्र में काम नहीं हो पाता है। सच्चाई इसके उलट है अनधिकृत कॉलोनियों में विकास कार्य के लिए वित्त वर्ष 2015-16 में 350 करोड़ रूपये में से केवल 125 करोड़ दिल्ली सरकार ने खर्च किये, लगभग 64 प्रतिशत खर्च नहीं कर पाये। केजरीवाल को अनधिकृत कालोनियों के विकास के लिये जो फंड दिया था उसको भी केजरीवाल खर्च नहीं कर पाये, इससे स्पष्ट होता कि वो कच्ची कॉलोनियों को पक्का करने के लिए कितने गंभीर हैं। इसी प्रकार वित्त वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19 में 21, 17, 21 प्रतिशत फंड को अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए खर्च नहीं कर पाये। यदि चार साल के वित्त वर्ष पर नजर डाली जाये तो कुल फंड का 29 प्रतिशत केजरीवाल सरकार अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर खर्च नहीं कर पायी। जो सरकार अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर आबंटित फंड को नहीं खर्च कर पायी उससे कॉलोनियों को नियमित करने की आशा कैसे की जा सकती है।

 

 तिवारी ने कहा कि अनधिकृत कालोनियों के डी-मार्केशन का काम 24 मार्च, 2008 से दिल्ली सरकार को करना अपेक्षित था किन्तु 10 साल गुजर जाने के बाद भी डी-मार्केशन का काम नहीं हुआ। पांच साल तक शीला दीक्षित सरकार ने डी-मार्केशन का काम लटका कर रखा और साढ़े चार सालों में अरविंद केजरीवाल सरकार ने भी कुछ नहीं किया। फरवरी 2020 में सरकार चली जाने के बाद 2021 में केजरीवाल डी-मार्केशन का काम कैसे करेंगे। 2020 में भाजपा की सरकार के आने के बाद हम यह काम करेंगे। मोदी सरकार सबका साथ सबका विकास करने के लिए कृत संकल्प है। केजरीवाल केन्द्र सरकार के कामों का क्रेडिट लेना बंद करें और दिल्ली के लोगों के लिए काम करे वर्ना जनता सब जानती है और वह इसका उचित जवाब जरूर देगी।

 

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