राष्ट्रीय (25/07/2019) 
केजरीवाल सहित 3 नेताओं को सम्मन, केजरीवाल इस्तीफा दें- तंवर
भाजपा दिल्ली प्रदेश के वरिष्ठ नेता, वाईस चेयरमैन एनडीएमसी एवं पूर्व विधायक करण सिंह तंवर ने आज एक संवाददाता सम्ममेलन में बताया कि उनके द्वारा दिनांक 16 मई 2016 में हुए एनडीएमसी के लॉ ऑफिसर स्व0 एम.एम.खान हत्याकाण्ड के मामले में दायर मानहानि की शिकायत याचिका पर दिल्ली की अदालत ने मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल, आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडेय, दिल्ली छावनी क्षेत्र के विधायक सुरेन्द्र सिंह एवं ओखला से विधायक अमानतुल्लाखान को समन जारी कर इन सभी को 7 अगस्त को न्यायालय में पेश होने का आदेश  दिया है।  


तॅंवर ने आगे कहा कि यह अत्यन्त दुःखद व शर्मनाक बात है कि मुख्यमंत्री के संवैधानिक पद पर बैठे अरविन्द केजरीवाल ने अपनी राजनीति नाकामियों की ओर से जनता का ध्यान हटाने के उद्देष्य से तॅंवर के साथ जघन्य अपराध जैसा कुकर्म किया है। उन्होंने तॅंवर की 46 वर्षों की बेदाग, भ्रष्टाचार विरोधी व नर सेवा नारायण सेवा की राजनीतिक छवि को धूमिल करने के लिए एनडीएमसी के पूर्व सम्पदा अधिकारी स्व0      श्री एम एम खान की लगभग दो वर्ष पूर्व हुए हत्याकांड में श्री तॅंवर की संलिप्तता होने की बात कह दी। जबकि दिल्ली पुलिस द्वारा इस हत्याकांड में षड्यंत्रकारियों को 48 घंटों के भीतर जेल की सींखचों में डाल दिया गया था। साथ ही श्री तॅंवर को इस पूरे प्रकरण में दिल्ली पुलिस द्वारा क्लीन चिट भी दे दी गई थी। फिर भी केजरीवाल, दिलीप पांडेय और इनके दोनों विधायक बाज नहीं आये और अपनी कुत्सीत मनोवृत्ति के अनुसार अपना भोंपू चालू रखे रहे। श्री तॅंवर के खिलाफ धरने प्रदर्षन व कैंडल मार्च तक निकाले गए।

 तॅंवर ने  कहा कि अपनी धार्मिक प्रवृत्ति और चौबीसों घंटे जनता की सेवा में उपलब्ध रहने तथा उनकी जन छवि की ओर से जनता का ध्यान हटाने के लिए इन नेताओं ने इस तरह का शड्यंत्र रचा। जबकि सब जानते हैं कि अपनी निजि जिन्दगी में वे एक चींटी भी नहीं मार सकते। ऐसे व्यक्ति का हत्या जैसे जघन्य अपराध में नाम घसीटना उसकी हत्या करने जैसा ही अपराध है। वही अपराध केजरीवाल और उनके साथियों ने किया। इसीलिए उन्हें विवष होकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा था और कोर्ट ने अब केजरीवाल, दिलीप पांडेय, विधायक सुरेन्द्र सिंह तथा विधायक अमानुतुल्लाह खान को इसी केस में 7 अगस्त को तलब किया है। उन्होंने मानहानि से जुड़े इस निर्णय को एक बार फिर असत्य पर सत्य की विजय का नाम दिया है।  

अंत में तॅंवर ने बताया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को झूठ बोलने में महारत हासिल है तथा झूठ बोलना उनका फैषन बन चुका है। इसी प्रकार के अनेकों झूठ इन्हें विभिन्न न्यायालयों के कठघरे में खड़ा कर चुका है जिसके लिये यह कई बार माफी भी मांग चुके हैं। यही नहीं अपने बच्चों तक की झूठी कसमें खाना इनकी आदतों में शुमार हो गया है। एक ऐसी ही झूठी साजिष इन्होंने इस एम एम खान हत्याकांड में रची और इस बार भी इन्हें मुंह की खानी पड़ी है। अगर अब भी मुख्यमंत्री केजरीवाल और उनके नेता झूठ बोलने से बाज नहीं आये तो माननीय न्यायालय के साथ साथ दिल्ली की जनता भी उन्हें माफ नहीं करेगी। इसलिये मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को इस पूरे मामले में माफी मांगते हुए नैतिक आधार पर अपने संवैधानिक पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
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