राष्ट्रीय (01/08/2019) 
छत्तीसगढ़ के पहले टेरिस-थिएटर का शुभारंभ, अब प्रति शनिवार नाटक का मंचन

छत्तीसगढ़ फिल्म एण्ड विजुअल आर्ट सोसायटी द्वारा संचालित जनमंच के बैनरतले आयोजित इस कार्यक्रम की शुरूआत रंगकर्मी रचना मिश्रा के सरस्वती वंदना के गायन से हुई. डॉ. सुयोग पाठक व डॉ. योगेन्द्र चौबे ने रंग-संगीत प्रस्तुत किया, जबकि संजय उपाध्याय ने अपने नाटक का गीत गाकर नवनिर्मित नाटय-मंच का शुभारंभ किया. 

मालूम होवे कि यह राज्य का पहला टेरिस थिएटर होगा. अब तक राजधानी में प्रोफेशनल नाटय थिएटर की कमी बेहद खलती थी. जरूरत पड़ने पर किसी आडिटोरियम या संस्था के हॉल का इस्तेमाल किया जाता था लेकिन नाटकीय मंचन के अनुरूप कोई भी थिएटर उपलब्ध नही था. इसी समस्या को ध्यान में रखकर रंगकर्मी सुभाष मिश्र ने अपने आवास में टेरिस थिएटर का निर्माण किया.  मिश्र, सालों से फिल्म और ड्रामा फेस्टीवल का आयोजन करते आए हैं. 

उन्होंने बताया कि 1000 वर्गफुट के इस थियेटर को रंगमंच की तकनीक और जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया है. इसे विभिन्न प्रकार की लाइट, माइक, ग्रिनी विंगस, एयरकंडीशनर तथा साउण्ड प्रूफ इत्यादि तकनीकों से सुसज्जित किया गया है और लगभग 80 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. 

 मिश्र ने बताया कि रायपुर का रंगदर्शक नियमित नाटक देखना चाहता है लेकिन कोई जगह और दिन तय नही है इसलिए हम सेटरडेथिएटर का आयोजन प्रति सप्ताह करेंगे. साथ ही जो संस्था नाटय-मंचन करना चाहती है, उनके लिए भी यह पहले आओपहले पाओ के आधार पर उपलब्ध रहेगा. समयसमय पर देश के ख्यातलब्ध रंगकर्मियों का व्याख्यान भी आयोजित किया जाएगा. 

मालूम होवे कि राजधानी में पांचछह थियेटर हैं, परंतु वे संपूर्ण नही कहे जा सकते. रंगमंदिर का किराया ज्यादा है तो वहां लाइट व माइक खुद ले जाना पड़ता है. मेडिकल कॉलेज का आडिटोरियम काफी महंगा है जबकि महाराष्ट्र मंडल का आडिटोरियम नये सिरे से बन रहा है. कॉलीबाड़ी का आडिटोरियम भी रंगकर्मियों को जमता नही. विवश होकर रंगकर्मी गवर्नेंट स्कूल के हॉल या वृंदावन हॉल में नाटक खेलते हैं लेकिन ये भी पूरी तरह संपूर्ण नही हैं. सरकार ने भी साइंस कॉलेज मैदान के पास जो आडिटोरियम बनाया है, उसका किराया ही एक लाख है. ऐसे में यह नया टेरिस थिएटर सभी दृष्टि से उपयुक्त माना जा रहा है.  नवनिर्मित थिएटर का पता जनमंच, एचआईजी 27, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सडडू, सेक्टर—6, अंबुजा माल के पीछे, साइंस सिटी के पास, रायपुर होगा. 

 

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