राष्ट्रीय (09/09/2019) 
दिल्ली महिला आयोगग की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने द्वारका में 2 स्पा के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की


 - 5 दिन की देरी के बाद एफआईआर दर्ज की गई

 - दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा ने आज द्वारका के पुलिस उपयुक्त को तलब किया था, आयोग को बताया गया कि इस मामले में कल रात एफआईआर दर्ज की गई है

 - दिल्ली महिला आयोग ने एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब किया था जिन्होंने स्वीकार किया था कि दिल्ली में स्पा की आड़ में कई सेक्स रैकेट चल रहे हैं और वे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे

 नई दिल्ली: दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने आयोग की सदस्य किरण नेगी के साथ 4 सितंबर 2019 को ‘जैस्मीन’ और 'जन्नत' स्पा सेंटरों का औचक निरीक्षण किया था। आयोग की टीम ने देखा कि 'जैस्मीन स्पा’ बिना किसी लाइसेंस के चल रहा था।  इसके अलावा, यह देखा गया कि 2 नग्न पुरुष एक स्कूल जाने वाली लड़की के साथ एक कमरे में थे! इसके अलावा कूड़ेदान में कंडोम पाये गए।  ग्राहकों ने स्वीकार किया कि स्पा में वेश्यावृत्ति और अन्य अवैध गतिविधियां चल रही थीं। 'जन्नत स्पा' से 8 लड़कियों को बचाया गया।  वे नग्न पुरुषों के साथ बंद कमरों में पाए गए और मौके से कंडोम के ढेर बरामद किए गए।  यहां भी, ग्राहकों, लड़कियों और प्रबंधक ने स्वीकार किया कि परिसर में एक सेक्स रैकेट संचालित किया जा रहा था।

 यह पाया गया कि स्कूल जाने वाले नाबालिगों सहित सैकड़ों पुरुष रोजाना स्पा सेंटरों में आते हैं।  नवादा की उस सड़क में एक लेन में 50 से अधिक स्पा हैं!  दिल्ली पुलिस के मौके पर मौजूद होने के बावजूद मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई।  दिल्ली महिला आयोग ने एफआईआर दर्ज न करने की वजह बताने के लिए आज दिल्ली पुलिस को तलब किया था।  दिल्ली पुलिस के अफसर आयोग के समक्ष पेश हुए और बताया कि उन्होंने 5 दिनों की देरी के बाद मामले में कल रात एक प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

 दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा ने स्पा सेंटरों में चल रहे सेक्स रैकेट के संबंध में एमसीडी को समन भी जारी किया था और मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी थी।  एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारी आज आयोग के समक्ष उपस्थित हुए और दिल्ली में चलाए जा रहे स्पा की सूची प्रदान की।  उन्होंने स्वीकार किया कि स्पा सेंटरों में वेश्यावृत्ति के रैकेट चल रहे हैं और उस की जाँच होनी चाहिए।  उन्होंने स्वीकार किया कि क्रॉस सेक्स मालिश की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और उनकी लाइसेंस प्रक्रिया में कई समस्याएं हैं।  उदाहरण के लिए, यदि किसी स्पा का लाइसेंस रद्द हो जाता है, तो स्पा मालिक आमतौर पर स्पा का नाम बदल देता है और उसी के लिए ऑनलाइन लाइसेंस प्राप्त करता है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने स्पा सेंटरों के नाम पर चलाए जा रहे वेश्यावृत्ति रैकेटों पर नाराजगी जताई। यह तथ्य है कि एमसीडी स्पा की जाँच किए बिना ऑनलाइन लाइसेंस जारी करती है जो गलत कामों के लिए आपराधिक तत्वों को पर्याप्त संभावनायें प्रदान करती है।  एमसीडी को अपनी कार्यप्रणाली को सुधारना चाहिए और स्पा चलाने वाले सेक्स रैकेट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा ने दिल्ली पुलिस और MCD को सेक्स रैकेट चलाने वाले स्पा सेंटर के खिलाफ कार्रवाई करने और मामले में आयोग को एक रिपोर्ट प्रदान करने के लिए कहा है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा  स्वाति मालीवाल ने कहा, “दिल्ली पुलिस ने स्पा पर 5 दिन तक एफआईआर दर्ज करने का विरोध क्यों किया?  जब हमने उन्हें तलब किया, तभी उन्होंने एफआईआर दर्ज की।  सेक्स रैकेट चलाने वाले इन स्पा की गहन जांच होनी चाहिए।  मानव तस्करी के लिए स्पा मालिकों के फोन की जांच की जानी चाहिए।  एमसीडी को भी ऐसे स्पा के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की जरूरत है।  हम दिल्ली को बैंकॉक नहीं बनने देंगे।  हमने मामले में एमसीडी और पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है! ”
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